गांव अलहदादपुर में 10 मार्च को खेत से आलू बीनने को लेकर दो वर्गों के विवाद ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया। मारपीट के बाद गांव में तनाव व्यापत हो गया। एक पक्ष ने थानाध्यक्ष पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए धरना दिया है। देर रात तक दोनों पक्ष थाने में मौजूद थे।
थाना क्षेत्र के अलहदादपुर गांव में 10 मार्च दोपहर जाटव समाज के तेजवीर सिंह की बेटी कोमल बच्चों संग ठाकुर जाति के भीष्म पाल सिंह के खेत में आलू बीनने चली गई। इस पर खेत स्वामी और उसके बेटे ने युवती व अन्य बच्चों को फटकार दिया। युवती के पिता का आरोप है कि पिता पुत्र ने बेटी संग मारपीट कर कपड़े फाड़ डाले। तेजवीर ने पुलिस और एंबुलेंस को बुला लिया और मेडिकल के लिए दीन दयाल अस्पताल भेज दिया।
वहीं, शाम साढ़े छह बजे करीब भीष्म पाल सिंह ट्रैक्टर से बेटों संग खेत को जोत रहे थे। आरोप है कि तभी तेजवीर संग जाटव पक्ष के 10-15 लोग खेत पर लाठी डंडे लेकर पहुंचे और भीष्म पाल सिंह और उनके परिजनों संग मारपीट कर ट्रैक्टर में तोड़फोड़ कर डाली। इस घटना के बाद गांव में जातीय तनाव पैदा हो गया। ठाकुर पक्ष के लोगों ने भीष्म पाल सिंह के साथ इकठ्ठे होकर जाटव समाज के कुछ युवकों को पीट दिया। मामला बढ़ता देख पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
रात लगभग आठ बजे करीब ठाकुर पक्ष के 30-35 लोग थाने पहुंच गए। यहां बातचीत के बाद थानाध्यक्ष रवि चंद्रवाल पर एक पक्षीय होने का आरोप लगा कर थाना परिसर में धरना शुरू कर दिया। आधा घंटे तक चले हंगामे और तनातनी के बाद मुकदमा दर्ज करने के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ। थानाध्यक्ष रवि चंद्रवाल ने बताया कि दो पक्षों में हुए झगड़े में दोनों पक्षों से दो-दो लोग घायल हुए हैं। सभी का मेडिकल कराकर तहरीर के आधार पर मुकदमे की कार्रवाई की जा रही है।