विद्युत वितरण डिवीजन ग्रामीण तृतीय खंड के अमरौली विद्युत उपकेंद्र पर हुए एक करोड़ नौ लाख 43 हजार 248 रुपये के गबन के दोषी कैशियर अजय कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ में गबन की रकम में से शेष 23 लाख 66 हजार रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं। यह कार्रवाई डिस्काम स्तर पर हुई जांच के बाद आरोप तय होने पर एमडी स्तर से की गई है।
इस कार्रवाई संबंधी अधिकारिक पत्र महकमे में स्थानीय स्तर पर पहुंच गया है, मगर अधीक्षण अभियंता ने अभी पत्र न देखे जाने की बात कही है। बता दें कि इस रकम में से 85 लाख 77 हजार रुपये की वसूली पूर्व में हो चुकी है और कैशियर करीब सात माह जेल में भी रहा था।
घटनाक्रम के अनुसार विद्युत वितरण खंड तृतीय ग्रामीण के अमरौली उपकेंद्र के मंजूरगढ़ी, बरौला, जवां व अमरौली समेत दर्जन भर से अधिक गांव के 542 से ग्राहकों से 2019 से 2021 तक की वसूली का खेल पकड़ा गया था। इस खेल में कैशियर/टीजी-2 अजय कुमार पर बिल भुगतान सरकारी खाते में न लेकर नेफ्ट/आरटीजीएस के जरिये लेने का आरोप था और ऑनलाइन रसीद दी गईं।
यह खुलासा होने पर मामले में तत्काल जवां थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया और अप्रैल 2021 में अजय को जवां पुलिस ने साईं धाम कॉलोनी तालसपुर बंबा स्थित घर से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में फौरी जांच में 1 करोड़ 9 लाख के गबन का मामला सामने आया, जिसमें से विभाग ने प्रयास कर अब तक 85 लाख 77 हजार रुपये जमा कराया। अभी 23 लाख 66 हजार का भुगतान अजय पर शेष है।
इधर, मामले में तत्काल अजय को निलंबित कर डिस्काम स्तर पर जांच कराई गई। कई सदस्यीय जांच टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट में अजय को दोषी करार देते हुए रिपोर्ट एमडी को सौंप दी। इस आधार पर एमडी ने अजय को बर्खास्त कर शेष रकम की वसूली का आदेश दिया है। अधीक्षण अभियंता अनिल आरोरा कहते हैं कि इस संबंध में एमडी स्तर से आदेश जारी किया है। यह सुना है। अभी आदेश की प्रति देखने को नहीं मिली है।