गैंगेस्टर न्यायालय से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू को बेटों की गाड़ियां छुड़ाने संबंधी अर्जी पर झटका लगा है। न्यायालय ने दोनों बेटों की तीन गाड़ियों को गैंगेस्टर के एक्ट तहत डीएम द्वारा जब्त किए जाने संबंधी आदेश को पुष्ट करते हुए उनकी अर्जियों को खारिज कर दिया है। बता दें कि पिछले वर्ष रोडरेज की घटना के बाद हुई गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई में ये गाड़ियां जब्त की गई थीं।
पिछले वर्ष सिविल लाइंस में दर्ज गैंगेस्टर के तहत विवेचना करते हुए इंस्पेक्टर क्वार्सी ने तेजवीर सिंह गुड्डू, उनकी पत्नी व बेटों के नाम की संपत्तियों को अलग अलग डीएम से अनुमति लेकर जब्त किया। इसी क्रम में दो अगस्त को डीएम की अनुमति पर बड़े पुत्र दीपक चौधरी के नाम अंकित फारच्युनर व स्कार्पियो और छोटे बेटे कार्तिक चौधरी के नाम पर अंकित थार गाड़ी को जब्त किया गया था।
इन दोनों की ओर से अलग अलग अर्जियां एडीजे विशेष गैंगेस्टर न्यायालय में दी गईं, जिसमें इन तीनों गाड़ियों के विषय में बताया कि वे पुस्तैनी संपत्ति या ऋण पर ली गई हैं। न्यायालय में इस विषय में तथ्य साबित न होने पर दोनों की अर्जियों को शनिवार को खारिज कर दिया गया। साथ में डीएम के गैंगस्टर के तहत वाहन जब्तीकरण आदेश को पुष्ट किया है।