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Union Budget 2023: अलीगढ़ में बिना रुके निकल गई बजट एक्सप्रेस, पूरी नहीं हुई ट्रेनों के ठहराव की मांग

Wed, 01 Feb 2023 10:18 PM IST
चमन शर्मा रिंकू शर्मा

सार

बजट में अलीगढ़ रेलवे के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं है। स्थानीय लोगों की मांग के अनुसार किसी भी नई ट्रेन के ठहराव को हरी झंडी नहीं मिली है। जिससे लोगों को निराशा हुई है।
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रेलवे - फोटो : Facebook
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विस्तार
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रेल बजट में अलीगढ़ के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं है। स्थानीय लोगों की मांग के अनुसार किसी भी नई ट्रेन के ठहराव को हरी झंडी नहीं मिली है। जिससे लोगों को निराशा हुई है। अब सबका ध्यान रेल मंत्रालय की ओर से जारी होने वाली पिंक बुक पर लगा है, जिसमें स्पष्ट होगा कि उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल को कितना बजट मिला है। इससे कितना लाभ होगा। इससे अलीगढ़ रेलवे जंक्शन को क्या मिलेगा। 
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पिंक बुक में प्रयागराज मंडल और अलीगढ़ जंक्शन के विकास के लिए पैसा और अन्य योजनाओं की जानकारी होगी। फिलहाल अलीगढ़ से दिल्ली के लिए इंटर सिटी सेवा समेत किसी भी नई ट्रेन के संचालन की कोई बात नहीं हुई है। दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस, कानपुर- दिल्ली स्वर्ण शताब्दी का डाउन रूट पर ठहराव, विक्रमशिला और दूरंतो एक्सप्रेस के ठहराव की मांग भी नहीं मानी गई है। 

बोले यात्री
अलीगढ़ को मांग के अनुरूप किसी भी नई ट्रेन का ठहराव नहीं मिला है। यहां से सफर करने वाले यात्रियों की परेशानी अभी जस की तस रहेगी। - सुशील वशिष्ठ, यात्री 
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किसी नई ट्रेन के संचालन की सौगात नहीं मिली है। वंदे भारत, राजधानी एक्सप्रेस समेत कुछ ट्रेनों का ठहराव होता तो इसका कुछ फायदा मिलता। - हरीश माहेश्वरी, यात्री 
अलीगढ़ से कई रूटों पर सीधे ट्रेन से जाने की सुविधा नहीं है। बजट से काफी उम्मीदें थीं, इस बार भी पूरी नहीं हो सकी।- प्रियंका अग्रवाल, यात्री  
 स्टेशन पर लगातार सुविधाएं बढ़ रही हैं। हां, ट्रेनों के ठहराव एवं नई ट्रेनों के संचालन को लेकर कोई भी नई बात नहीं हुई है। - किरन शर्मा, यात्री 

बोले रेलवे अधिकारी, कर्मचारी
वेतन भोगियों के लिए बजट एक छलाव है। इसमें दिखावा अधिक है छूट सीमा में और अधिक रियायत देनी चाहिए थी। रोजगार गारंटी एवं नए रोजगार सृजन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
- मृत्युंजय कुमार, सहायक महामंत्री नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन अलीगढ़
सरकार ने जो आम और रेल बजट जारी किया है उसमें रेल कर्मचारियों के हित में कुछ भी खास नहीं है। बजट निराशाजनक है। रेलवे में रिक्त पदों को भरने, नई नौकरी पैदा करने की कोई घोषणा नहीं हुई। - एमए खान, पूर्व स्टेशन अधीक्षक
बजट में रेलवे कर्मचारियों के आवासों की मरम्मत, बच्चों की बेहतर शिक्षा एवं स्वास्थ्य की ओर ध्यान नहीं दिया गया है। बेहतर होता इस ओर भी सुधार का प्रयास किया जाता। - डीके गौतम, स्टेशन अधीक्षक, हरदुआगंज 
रेलवे बजट में इस बार भारी-भरकम वृद्धि हुई है। इससे रेलवे की व्यवस्थाओं में सुधार आएगा सुरक्षा के साथ ही संरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। - राजा बाबू, सहायक स्टेशन अधीक्षक 
रेलवे कर्मचारियों के हित में कोई खास घोषणा नहीं की गई है। हालांकि बजट में 240 करोड़ की धनराशि देने के साथ ही 100 नई योजनाओं की घोषणा की गई हैं। -  हीरालाल रेलवे कर्मी
यात्रियों की सुविधा का बजट में ध्यान रखा गया है। रेलवे कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के हित में कुछ सुविधाएं दी जाती तो और भी बेहतर होता।  - अर्पिता गर्ग रेलवे कर्मी 
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कोरोना काल में बढ़ाया गया किराया नहीं हो सका कम 
कोरोना काल में अलीगढ़ से दिल्ली के मध्य संचालित होने वाली ईएमयू पैसेंजर ट्रेनों में किराया 30 रुपये से बढ़ाकर दोगुना यानि 60 रुपया कर दिया था। इतना ही नहीं रेलवे ने आपदा को अवसर बनाते हुए पैसेंजर ट्रेन का दर्जा बदलते हुए उसे मेल एक्सप्रेस में बदल दिया। इससे यात्रियों को रेलवे के इस कदम से दोगुना किराया देना पड़ रहा है। बजट में रेल यात्रियों को उम्मींद थी कि कोरोना काल में पैसेंजर ट्रेन से मेल बनायी गई ईएमयू पैसेंजर को फिर से वापसी का दर्जा मिलेगा और किराया भी कम होगा और यात्रियों की जेब पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ से निजात मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस संबंध में नार्थ सेंट्रल इंप्लाइज संघ के शाखा सचिव संजय शुक्ला ने बताया कि दैनिक यात्री बढ़ाए गए किराये को कम करने के लिए उम्मींद लगाए हुए थे, जो इस बार भी पूरी नहीं हो सकी है। गौर हो कि इस बार के रेल बजट में अलीगढ़ की सभी उम्मीदें धरी रह गई हैं।
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