नायब तहसीलदार पर संशोधन की विवादित पत्रावली में आपत्तिकर्ता के वकील को सुने बिना पिछली तारीख में आदेश किए जाने का आरोप लगाते हुए वकीलों ने शनिवार को तहसील में हंगामा किया। साथ ही एसडीएम कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया। कहा कि कार्रवाई होने तक वकील नायब तहसीलदार के न्यायालय का बहिष्कार करेंगे।
वकीलों के अनुसार नायब तहसीलदार न्यायालय में संशोधन की पत्रावली में आपत्तिकर्ता का पक्ष सुनने के लिए 14 फरवरी नियत थी। 14 फरवरी को सिविल बार की ओर से प्रस्ताव आने के कारण पत्रावली पर अग्रिम तिथि 17 फरवरी नियत की गई थी।
इसमें पत्रावली पर आपत्तिकर्ता के वकील ने हस्ताक्षर भी कर दिए थे, किंतु नायब तहसीलदार ने आपत्तिकर्ता के वकील को सुने बिना ही एक पक्षीय आदेश वादी पक्ष के हित में 14 फरवरी को पारित कर दिया। शनिवार को आपत्तिकर्ता के वकील अनूप गिरि गोस्वामी अपनी पत्रावली पर हस्ताक्षर करने पहुंचे तो पत्रावली पर 14 फरवरी की तारीख में ही हस्ताक्षरयुक्त आदेश अंकित था।
उन्होंने नियम विरुद्ध आदेश का आरोप लगाते हुए नाराजगी जतानी शुरू कर दी। खबर पर सिविल बार के अध्यक्ष शिवनरायन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष बृजवासी लाल, बलवीर सिंह दिसवार सिंह आदि भी पहुंच गए। उन्होंने नायब तहसीलदार पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगात हुए हंगामा किया।एसडीएम खैर दिग्विजय सिंह का कहना है कि शिकायत की जांच कराई जा रही है। यदि किसी पत्रावली पर नियम विरुद्ध आदेश पारित किया गया है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।