रामनवमी के दिन से ट्रांसपोर्ट नगर में भूखंड का पंजीकरण शुरू हो गया है। एडीए कार्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अलीगढ़-पलवल हाईवे पर ल्हौरा बिसावन में प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर योजना में भूखंड पंजीकरण की शुरुआत कर दी गई है, जो एक माह तक चलेगी। ट्रांसपोर्टर पिछले 28 साल से इसकी मांग कर रहे थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ बरौली विधायक ठा. जयवीर सिंह, एमएलसी चौधरी ऋषिपाल सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक मुक्ता राजा, डीएम इंद्र विक्रम सिंह, एडीए उपाध्यक्ष अतुल वत्स ने किया। यहां सचिव अंजुम बी, एडीए सदस्य पूनम बजाज, हेमंत राजपूत, चौधरी देवराज सिंह आदि मौजूद रहे। ठा. जयवीर सिंह ने कहा कि इससे शहर में यातायात और जाम की स्थिति में काफी सुधार होगा और शहर का चहुंमुखी विकास होगा। इसे व्यापक रूप दिया जाए। सरलीकरण की प्रक्रिया अपनाएं और किसी भी स्तर पर उत्पीड़न न करें। अलीगढ़-गभाना के मध्य औद्योगिक क्षेत्र बनाएं। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि योजना के धरातल पर आने से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा। सुरक्षा के लिहाज से ये पूरी तरह से सुरक्षित है। यह डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से काफी नजदीक है। इससे रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। कुशल एवं अकुशल दोनों तरह के श्रमिकों को रोजगार मिलेगा।
कोई भी व्यक्ति ले सकता है जमीन
अलीगढ़। एडीए वीसी अतुल वत्स ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में 16 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर जमीन की दरें निर्धारित की गई हैं। इसमें कुल 1803 भूखंडों के लिए पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद लॉटरी की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। कोई भी सामान्य व्यक्ति यहां पर जमीन ले सकता है। पंजीकरण ऑफलाइन एवं ऑनलाइन दोनों तरह से होंगे। ट्रांसपोर्ट नगर में कार्यालय, फायर, पार्क, सीएनजी पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के लिए चार्जिंग प्वाइंट, सामुदायिक शौचालय बनेगा।
1600 भूखंड हैं इस योजना में
अलीगढ़। इस योजना में सबसे अधिक 608 भूखंड 200 वर्गमीटर के हैं। 72 वर्गमीटर के 557 भूखंड, 162 वर्गमीटर के 204 भूखंड, 375 वर्गमीटर के 231 भूखंड है। उन्होंने बताया कि अनूसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग आदि को नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। प्रथम चरण में ट्रांसपोर्टर, ट्रक ऑपरेटर्स, मरम्मत दुकान, स्पेयर पार्ट्स, गोदाम, ढ़ाबा- रेस्तरां, होटल, गेस्ट हाउस, अस्पताल, पेट्रोल पंप के लिए आवंटन होगा। कुल क्षेत्रफल का 52.88 फीसद ही विक्रय किया जाएगा। इसमें 10 फीसद हरियाली 05.06 फीसद पार्किंग का भी प्रावधान है।