गांव शेखूपुर में बरात जाने की तैयारी के बीच दूल्हे के दो वर्षीय भतीजे की मौत ने शादी की खुशियां मातम में बदल दीं। खौलती हुई चाय की पतीली मासूम के ऊपर गिर गई, इससे बुरी तरह से झुलसे बालक की मौत हो गई। गमगीन हालात में बरात अलीगढ़ रवाना हुई और शादी की रस्में अदा कराई गईं।
कोतवाली के गांव शेखूपुर निवासी रवि पुत्र मुरारी लाल वाल्मीकि के भाई वेदप्रकाश उर्फ कालू की शुक्रवार को बरात जानी थी। परिवार के लोग व रिश्तेदार खुशी खुशी बरात की तैयारी में जुटे थे। सुबह के समय घर के आंगन में बने चूल्हे पर भगोने में चाय खौल रही थी। इसी दौरान रवि का दो वर्षीय बेटा भोला खेलते हुए चूल्हे के पास आ गया और डंडा हाथ में लेकर चाय के भगोने से खेलने लगा।
तभी चाय से भरा भगोना भोला के ऊपर गिर पड़ा। खाैलती चाय उसके पूरे शरीर पर गिर गई। जिससे वह बुरी तरह से झुलस गया। भोला के रोने की आवाज पर परिवार के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। आनन फानन में भोला को उपचार दिलाने के लिए बाइक से अतरौली ले गए, जहां से चिकित्सकों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल पहुंचे। अलीगढ़ में चिकित्सकों ने बालक को मृत घोषित कर दिया।
मां को लगा कि बेटा जिंदा है
अलीगढ़ के अस्पताल में मृत घोषित होने के बाद जब परिजन भोला को घर पर लेकर आए तो मां बेटे से लिपटकर रोने लगी, उसने कहा कि उसका बेटा जिंदा है। परिवार के लोग फिर आनन-फानन में भोला को लेकर अतरौली सीएचसी ले गए। जहां पर चिकित्सकों ने एक फिर से उसकी जांच पड़ताल करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मातम के बीच बरात की रस्में पूरी हुई
विवाह समारोह में दूल्हे के भतीजे की मौत से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। जहां पर शादी के मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां पर मातम छा गया। पहले भोला का अंतिम संस्कार किया गया, फिर शादी की रस्में पूरी की गईं।