फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड का कार्यकाल अंतिम दौर में, ये कैसा स्टडी टूर

सार

नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल अब एक माह माना जा रहा है।मंगलवार रात व बुधवार तड़के दो किश्तों में पहले दौर के पार्षदों का टूर मैसूर रवाना किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल अब एक माह माना जा रहा है। ऐसे में निगम पार्षदों के स्टडी टूर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। खुद इस टूर का बहिष्कार करने वाले पार्षदों ने कहा है कि जब कार्यकाल खत्म होने जा रहा है, तब इस स्टडी टूर से लौटकर हम शहर को क्या दे पाएंगे? ऐसे में इस टूर पर खर्च करना सिर्फ सेर-सपाटा ही समझ में आ रहा है।
विज्ञापन

नगर निगम ने दो वर्ष पूर्व अपने पार्षदों को स्टडी टूर पर दक्षिण भारत के सुंदर शहर मैसूर ले जाने के प्लान किया था। बोर्ड ने भी इसकी अनुमति दे दी। मगर कोविड की वजह से पिछले दो वर्ष से यह टूर टलता रहा। पिछले दिनों नगर निगम ने इस टूर को फिर से तैयार किया और वाराणसी की एक ट्रैवल एजेंसी को इस टूर का ठेका दिया। अब दो किस्तों में 70 पार्षदों का मैसूर जाना तय हुआ। मगर कार्यकाल में सिर्फ एक माह शेष है, इसलिए काफी पार्षदों ने इसके बहिष्कार का निर्णय लिया है। मंगलवार रात व बुधवार तड़के दो किश्तों में पहले दौर के पार्षदों का टूर मैसूर रवाना किया गया है। इसमें भाजपा पार्षद पुष्पेंद्र सिंह जादौन सहित कुछ ने बष्किार किया है। इस विषय में पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने यही कहा है कि टूर से लौटने के बाद जब हम शहर को कुछ दे न पाएं तो ऐसे स्टडी टूर से क्या फायदा। इस विषय में उन्होंने सीधे सीधे धन की बर्बादी व सेर सपाटा करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि खुद उन्होंने व उनके साथ तीन चार अन्य पार्षदों ने इसका बहिष्कार किया और वे पहले दौर के टूर में नहीं गए हैं।
-यह सही है कि टूर जाने में देरी हुई है। दो वर्ष पहले ही यह टूर प्लान हो गया था। मगर कोविड की वजह से देरी हुई। अब अधिकारियों ने निर्णय लेकर अंतिम समय में टूर भेजा गया है। इस पर लोगों की अपनी अपनी राय है।-मो.फुरकान, मेयर
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें