कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देते भाकियू के पदाधिकारी
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट ने किसानों की समस्याओं को लेकर प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट नीरज शर्मा को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखने, भोजन, दवा, कृषि इनपुट और मशीनरी जैसी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी हटाने, पेट्रोलियम उत्पाद और रसोई गैस से केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी करने की मांग की है।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिक, महिला, दिव्यांग व्यक्तियों और खिलाड़ियों को रेलवे द्वारा कोविड के बहाने वापस ली गई रियायत बहाल करने, खाद्य सुरक्षा की गारंटी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सार्वभौमिक बनाने, सभी के लिए मुफ्त शिक्षा, स्वास्थ्य, पानी और स्वच्छता के अधिकार की गारंटी देने, नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द करने, सभी के लिए आवास सुनिश्चित करने, वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) का कड़ाई से कार्यान्वयन करने, वन (संरक्षण) अधिनियम, 2023 और जैव-विविधता अधिनियम और नियमों में संशोधन वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने एनएमपी को खत्म करने, खनिजों और धातुओं के खनन पर मौजूदा कानून में संशोधन करने, स्थानीय समुदायों विशेषकर आदिवासियों और किसानों के उत्थान के लिए कोयला खदानों सहित अन्य खदानों में लाभ का 50 प्रतिशत हिस्सा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। इस मौके पर भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी मलखान सिंह, ब्रजमोहन मदनावत, चौधरी भंवर सिंह, सत्यदेव पाठक, राकेश कुमार आदि मौजूद रहे।