महानगर के रोरावर क्षेत्र में खेरेश्वर चौराहे पर भाजयुमो महानगर उपाध्यक्ष की स्कूटी में टक्कर मारकर बाइक सवारों ने लूटपाट कर ली। रविवार देर रात हुई घटना की सूचना पर पहुंची लैपर्ड ने गैर समुदाय के दो आरोपी मौके पर दबोच लिए और एक भागने में सफल रहा। मगर थाने पहुंचने पर मामला उल्टा हो गया। यहां इंस्पेक्टर पर उल्टा भाजयुमो नेता का उपहास उड़ाने और तहरीर फेंकने व अभद्रता-हाथापाई तक करने का आरोप लगा।
इस खबर पर तमाम भाजपाई थाने पहुंच गए और हंगामा किया। तब जाकर सीओ ने पहुंचकर विवाद शांत किया। हुआ यूं कि खेरेश्वर चौराहा निवासी अमित गोस्वामी रात में स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान चौराहे पर रॉग साइट घर की तरफ स्कूटी मोड़ी तो सामने से बाइक पर आए तीन युवकों ने टक्कर मार दी। इस पर स्कूटी सहित अमित गिर गए। जब उन्होंने विरोध किया तो बाइक सवारों ने मारपीट करते हुए तमंचा निकाल लिया और धमकाते हुए जेब से रुपये निकाल लिए।
यहां तक कहा कि बहुत नेतागिरी करते हो और हमें रुपये नहीं देते। इस दौरान किसी तरह अमित ने खुद को बचाकर सूचना देकर पुलिस बुला ली। इस दौरान लैपर्ड को आता देख एक आरोपी भाग गया, जबकि बाइक संख्या यूपी 87 ए 9751 सहित दो युवक दबोच लिए। उन्हें थाने ले जाया गया। अमित का आरोप है कि पीछे से वे जब थाने पहुंचे तो आरोपी इंस्पेक्टर के कमरे में बैठे थे। उन्होंने तहरीर देते हुए इंस्पेक्टर से कार्रवाई को कहा तो इंस्पेक्टर ने यह कहते हुए उपहास उड़ाना शुरू कर दिया कि तुम जैसे बहुत नेता देखे हैं। इसमें कोई कार्रवाई नहीं होगी। सुबह आना। इस पर अमित ने ऐतरा जताया तो आरोपी भी उसे देख उपहास उड़ाने लगे।
इस पर अमित कि आरोपियों व इंस्पेक्टर से बहस हुई। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने अभद्रता व हाथापाई तक कर दी। आरोपियों से भी अमित की खींचतान हुई। इस खबर पर भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, युवा मोर्चा अध्यक्ष अमित गोस्वामी सहित तमाम नेता पहुंच गए। जहां हंगामा होने की खबर पर सीओ प्रथम थाने पहुंचे और उन्होंने इंस्पेक्टर को भीड़ से बचाते हुए चुपचाप वहां से निकाल दिया।
बाद में सीओ ने भरोसा दिलाया। तब जाकर मामला शांत हुआ। एक तहरीर अमित की ओर से आरोपियों के खिलाफ दी गई। जिसमें जुबैर, फरुन व एक अज्ञात के खिलाफ लूट, मारपीट आदि का मुकदमा दर्ज हुआ। वहीं दूसरी लिखित शिकायत इंस्पेक्टर के खिलाफ दी गई। जिस पर उचित आश्वासन दिया गया।
मुकदमा लूट का, पर आरोपी शांति भंग में जेल भेजे
इस घटना में पुलिस ने मुकदमा लूट की धारा में लिखा है। मगर पकड़े गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने महज शांति भंग की धारा में जेल भेजा है। दोनों आरोपी शांति भंग में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए गए। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस पर सीओ प्रथम अभय पांडेय का कहना है कि मामले में अभी साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं। साक्ष्यों के आधार पर लूट व मारपीट आदि धाराओं में आरोपियों पर रिमांड बनवाया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई पर अपने आप में सवाल खड़े हो रहे हैं। कभी पुलिस बिना जांच के सिर्फ मुकदमे में आरोपी को जेल भेजती है। कभी साक्ष्य संकलन की बात कहकर मुकदमे के बजाय शांति भंग में जेल भेजती है।