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भाजपा नेता ज्ञानी हत्याकांड गवाही के इंतजार में परिणाम

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टप्पल क्षेत्र के गांव जहानगढ़ के भाजपा नेता ज्ञानचंद्र शर्मा उर्फ ज्ञानी हत्याकांड शायद भुलाया नहीं जा सकता। प्रधानपति व टप्पल सहकारी समिति अध्यक्ष ज्ञानी की हत्या कराने का आरोप तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष मौजूदा में भाजपा में सक्रिय सुधीर चौधरी पर है। मुकदमा एडीजे-प्रथम की अदालत में विचाराधीन है। हालांकि सभी गवाही हो चुकी हैं। कुछ विवेचकों की गवाही शेष है।
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घटना वाली शाम ज्ञानी अपनी गाड़ी से गांव लौट रहे थे। तभी उनकी ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या की गई। इस दौरान ज्ञानी का साथी राजू जख्मी हुआ था। हत्या का मुकदमा ज्ञानी के भाई अमर चंद्र द्वारा दर्ज कराया गया। हालांकि खुलासे के समय मात्र तीन गिरफ्तारी हुईं। तत्कालीन एसएसपी मोहित गुप्ता ने खुलासा किया कि यह हत्या तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने कराई है। जिसमें कहा कि ज्ञानी से टप्पल सहकारी समिति चुनाव में योगेंद्र व बल्ली ने खुन्नस मान ली थी। इधर, अब अपने बढ़ते सियासी रसूख के चलते ज्ञानी उस जिला पंचायत वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, जिससे खुद सुधीर चुनाव लड़ते हैं। आरोप है कि इसी क्रम में सुधीर के इशारे पर अन्य लोगों ने यह हत्या की है।
14 माह तक चली जद्दोजहद
इस मामले में सुधीर शुरुआत से कहते रहे कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। आरोप निराधार है। इसी दलील के साथ वे पहले जिला पुलिस से लेकर शासन तक गए। बाद में पुलिस आरोप और चार्जशीट के खिलाफ हाईकोर्ट तक गए। जब कहीं से राहत नहीं मिली तो उन्होंने खुद यह कहते हुए सरेंडर किया कि अदालत से न्याय मिलेगा। अब सभी आरोपी जमानत पर हैं। मुकदमा अदालत में अंतिम दौर में है।
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सिर्फ गिरफ्तारी के विवेचकों की गवाही शेष
इस मामले में पैरवी कर रहे एडीजीसी अमर सिंह तोमर बताते हैं कि मुकदमे में हत्याकांड से जुड़े सभी पब्लिक व पुलिस के कुल 11 गवाहों की गवाही हो चुकी है। अब बस पंचायत नामा भरने वाले दरोगा मो. असलम व पंकज-सुमित की गिरफ्तारी करने वाले एसओ केपी सिंह की गवाही रह गई है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक यह गवाही हो जाएगी। उसी के बाद अदालत का फैसला हो सकेगा।
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कब क्या हुआ
-25 अगस्त 2014 को जहानगढ़ गांव के प्रधानपति ज्ञानचंद्र उर्फ ज्ञानी की हत्या
-31 अगस्त को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड का खुलासा किया
-2014 के अंत तक इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी बल्ली और योगेंद्र गए जेल
-30 मार्च 2015 को इस मुकदमे में पुलिस ने एक पार्ट में चार्जशीट दायर की थी
-3 जून 2015 को सुधीर चौधरी को साजिश का आरोपी करार देकर चार्जशीट दी
-अक्तूबर 2015 में हाईकोर्ट ने दिए सुधीर चौधरी को कोर्ट में हाजिरी के निर्देश
-19 अक्तूबर 2015 को सुधीर चौधरी ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते किया सरेंडर
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