बन्नादेवी थाने में एएसपी मनीष शांडिल्य का घेराव करते भाजपाई।
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कहने को मुख्यमंत्री लगातार भाजपा कार्यकर्ताओं को थाने न जाने की हिदायत देते रहते हैं, मगर यहां बुधवार रात युवा भाजपाइयों ने युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष की अगुवाई में बन्नादेवी थाने में खूब हायतौबा की। हमले के आरोपी कार्यकर्ता को छुड़ाने के लिए थाने में नारेबाजी, हंगामा करते हुए जीटी रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने उन्हें आश्वासन देकर भेज दिया और सुबह आरोपी पर शांति भंग में कार्रवाई कर दी।
हुआ यूं कि बन्नादेवी नई बस्ती इलाके में भाजपाइयों के दो गुटों में पिछले दिनों झगड़ा हुआ है। इनमें भाजपा कार्यकर्ता नवीन वाल्मीकि व राजेश की ओर से एक दूसरे पर मुकदमे दर्ज कराए गए। राजेश के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित हमले की धाराओं का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस पहले नवीन पक्ष पर कार्रवाई कर चुकी है। बुधवार रात पूछताछ के लिए राजेश को हिरासत में लिया गया। इस सूचना पर करीब साढ़े दस बजे युवा मोर्चा महानगर अध्यक्ष अमन गुप्ता पूरी टीम के साथ थाने पहुंच गए, जहां उन्होंने राजेश को गिरफ्तार कर थाने लाने पर विरोध दर्ज कराते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान जीटी रोड पर जाम लगाने की कोशिश की। किसी तरह पुलिस ने समझाकर उन्हें थाने में अंदर किया और इसी बीच सीओ द्वितीय पहुंचे तो उनके खिलाफ नारेबाजी की और गाड़ी घेर ली।
इस दौरान राजेश को छोड़ने का दबाव बनाया गया। कहा गया कि नामजदगी गलत हुई है। आरोप भी गलत हैं। बात इतनी बढ़ गई कि हवालात तक भाजपाई पहुंच गए। जब रात एक बजे तक बात नहीं बनी तो खबर देकर भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत को बुलाया गया। उनकी और सीओ द्वितीय के बीच वार्ता हुई, जिसमें सीओ की ओर से भरोसा दिलाया गया कि किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। जांच व पूछताछ के लिए ही बुलाया गया है। मगर छोड़ने से इंकार कर दिया।
इसके बाद दो बजे वहां से सभी लोग गए। सीओ ने बताया कि मामले में पूछताछ व जांच के इरादे से बुलाया गया था। रात में ही सभी को समझाकर भेज दिया गया था। इधर, सुबह राजेश के खिलाफ शांति भंग में कार्रवाई की गई है।