बमुश्किल उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। तब कहीं जाकर ग्रामीण शव को पोस्टमार्टम को भिजवाने को तैयार हुए। करीब एक घंटे बाद जाम खुल जाने पर यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। सीओ द्वितीय विशाल चौधरी ने बताया कि मामले में पीडि़त पक्ष की ओर से ट्रक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रात में ही महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था की जा रही है।
मां का साया छूटा, रोते -बिलखते रह गए बच्चे
हादसे में जान गंवाने वाली कृष्णा देवी चार बच्चों की मां थी। जिसमें तीन बेटियां एवं एक बेटा शामिल हैं। सडक़ हादसे में मां की मौत की खबर जैसे ही उन्हें मिली तो उनका रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गनीमत रही कि दो बच्चे मां कृष्णा देवी एवं पिता राकेश कुमार के साथ बाजार चलने की जिद कर रहे थे। किसी तरह माता-पिता ने उन्हें समझाया और खुद ही बाजार से उनके लिए सामान लाने की बात कही तब उन्होंने साथ जाने की जिद छोड़ी। यदि बच्चे भी साथ होते तो गंभीर हादसा घटित हो सकता था। रक्षाबंधन को लेकर घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन हादसे के बाद मातम पसर गया।