युवती को विजयगढ़ थाने की बैरक में रखा गया था। 10 मई की रात लगभग 9 बजे युवती महिला बैरक से नीचे कूद गई। पुलिस द्वारा उपचार के लिए जे एन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान 3 दिन बाद दम तोड़ दिया था। मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
विजयगढ़ थाना में 10 मई 2022 की रात करीब 9 बजे युवती ने थाने की महिला बैरक की छत से छलांग लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया था। युवती बुरी तरह घायल हो गई, जिसको पुलिस ने इलाज के लिए जे एन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा। इलाज के दौरान 3 दिन बाद युवती ने दम तोड़ दिया, जिसमें डीएम इंद्र विक्रम सिंह के निर्देश पर एसीएम द्वितीय को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। मामले में शनिवार को थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
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विगत 5 मई 2022 को पीड़ित बबली को महिला आरक्षी शिखा के सुपुर्द किया गया था। पीड़ित बबली को मेडिकल परीक्षण के लिए रवाना किया गया। पीड़ित बबली को मेडिकल परीक्षण कराने के बाद वन स्टप सेंटर के प्रभारी के सम्मुख पेश कर वन स्टप सेंटर में दाखिल करना था, किंतु महिला आरक्षी शिखा द्वारा बबली को वन स्टप सेंटर में न रखकर 5 मई 2022 से 10 मई तक पूर्ण मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त ना होने के कारण बताकर अवैध रूप से महिला बैरक मैं अपने साथ रखा।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक, विजयगढ़ दयानारायण त्रिपाठी और विवेचक उपनिरीक्षक बद्रीराम को इस बात की जानकारी थी कि महिला आरक्षी शिखा द्वारा पीड़िता बबली को बैरक में रखा गया है। 10 मई की रात लगभग 9 बजे पीड़ित बबली ने महिला बैरक से नीचे कूद गई। पुलिस द्वारा उपचार के लिए जे एन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान 3 दिन बाद दम तोड़ दिया।
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बबली के पिता पवन कुमार ने आकाश पुत्र भीकम निवासी वादामपुर पिलुआ एटा के विरूद्व मुकदमा पंजीकृत कराया था। थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार सिंह ने प्रभारी निरीक्षक दयानारायण त्रिपाठी, विवेचक उपनिरीक्षक बद्रीराम और आरक्षी शिखा के खिलाफ धारा 343 मुकदमा दर्ज किया।