प्रोफेसर अतीक अहमद सिद्दीकी चेयरमैन भूगोल विभाग अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
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अलीगढ़। एएमयू के भूगोल विभाग के चेयरमैन प्रो. अतीक अहमद सिद्दीकी ने बताया कि एएमयू के फुटबाल मैदान से हवा में स्थायी रूप से ठहरने वाली बैलून लैब जल्द ही स्थापित की जाएगी। इसके लिए इसरो से संपर्क जारी है। लॉकडाउन खुलते ही ये काम आगे बढ़ेगा। इसरो ने हीलियम गैस के इंतजाम के लिए कहा था। इसलिए हीलियम गैस का इंतजाम स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है। प्रो. अतीक ने बताया कि इस लैब को हवा में बनाए रखने के लिए १२० क्यूबिक मीटर गैस प्रतिदिन चाहिए होगी, जिससे बैलून हवा में रहेगा। एक बार हवा में लैब का टेस्ट होने के बाद उसको दूसरे दिन भी टेस्ट किया जाएगा। सब कुछ ठीक रहने के बाद लैब को पृथ्वी के वायुमंडल की तयशुदा कक्षा में रोक दिया जाएगा। गैस का इंतजाम जेएन मेडिकल कालेज, एएमयू रसायन विज्ञान विभाग में सप्लाई करने वाली गैस एजेंसियों के माध्यम से होगी। ये तमाम कंपनियां इन विभागों में हीलियम, नाइट्रोजन, अमोनिया, आक्सीजन सहित अन्य गैस देती हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद लैब स्थापना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। उम्मीद है कि गरमी के मौसम में इसको स्थापित किया जा सकेगा। गौर हो कि इसरो की मदद से हवा में १५ किमी ऊपर स्थापित होने वाली ये लैब १५० किमी के दायरे में मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम होगी। उत्तरी भारत में ये अपनी तरह का पहला प्रयोग होगा। इसरो वैज्ञानिक इस संबंध में बीती नवंबर में एएमयू में आकर सभी व्यवस्थाएं देख गये हैं। जिसके बाद ही फुटबाल मैदान से इसको हवा में भेजने की योजना है। जिसका कंट्रोल रूम एएमयू के भूगोल विभाग में बनेगा।