सत्र न्यायाधीश डॉ.बब्बू सारंग की अदालत से भाजपा नेता बोधपाल सिंह पर हुए हमले सहित अन्य कई अपराधों में जमानत अर्जी खारिज की गई हैं। अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह के अनुसार 10 अप्रैल 2021 को जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे भाजपा नेता बोधपाल सिंह गांव खेड़िया बालूपुर में जन संसपर्क कर रहे थे। तभी अपनी कार में सवार होते समय उनके गांव के सिरसा छर्रा के ही रामेश्वर ने उन पर तमंचे से फायर किया और फरसे से हमला कर दिया। इस हमले में बोधपाल जख्मी हुए। इसी घटना में रामेश्वर को जेल भेजा गया था।
सत्र न्यायालय से उसकी जमानत अर्जी खारिज की गई है। इधर, गांधीपार्क में दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले में नोएडा रेल विहार की ममता गुप्ता, उनके बेटे विन्यास गुप्ता, पति आलोक व विदूषी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज की गई है। इसी तरह हमले में नगला डालचंद्र महुआ खेड़ा के पीयूष व मोर टप्पल के शिवकुमार की जमानत खारिज की गई है। इधर, धोखाधड़ी के मुकदमे में कसेर चंडौस की मंजू, किरनपाल, राकेश, जय किशोर, रानी, रामवीर, महेश व बीना की जमानत अर्जी खारिज की गईं हैं।
दो एडीजीसी से पूछा गैर हाजिरी का कारण
डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को कार्य व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान दो एडीजीसी अपने तैनाती स्थल से बिना कारण बताए गैर हाजिर मिले। न उनकी कोई सूचना थी। इस पर इन दोनों से गैर हाजिरी का कारण पूछा है और इसकी सूचना प्रति डीएम को भेजी है। डीजीसी के अनुसार जिनसे कारण पूछा है, उनमें केएम जौहरी व स्वर्ण लता वर्मा शामिल हैं।
साइबर हैकर मिर्जापुर जेल से अलीगढ़ तलब
सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के खाते से ट्रेजरी अधिकारी बनकर ठगी करने वाले झारखंड के जमताड़ा के गिरोह के मुख्य सरगना को साइबर पुलिस के अनुरोध पर मिर्जापुर जेल से यहां तलब किया गया। न्यायालय में तलब होकर आए इस हैकर पर यहां मुकदमा तामील कराकर जेल दाखिल किया गया है।
इंस्पेक्टर साइबर थाना सुरेंद्र सिंह के अनुसार अवतार नगर भदेसी सासनी गेट के सुरेश चंद्र संग 19 मई 2021 को यह ठगी हुई थी। जिसमें झारखंड के मुनीष शाह का नाम सरगना के रूप में आया। इसके अलावा अन्य आरोपियों के नाम भी आए। मनीष पर कई जनपदों व राज्यों में मुकदमे हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों वह मिर्जापुर में पकड़ा गया। तब से वहीं था। अब उसे अलीगढ़ के मुकदमे में अदालत से वी वारंट के तहत तलब कराया गया। यहां उस पर अलीगढ़ का मुकदमा तामील कराया गया है और जेल दाखिल किया गया है।
मारपीट के मामले में गवाह पक्षद्रोही, प्रधान संघ नेता बरी
महानगर के बन्नादेवी क्षेत्र में वर्ष 1999 में एक अनुसूचित जाति के खोखा संचालक से मारपीट के आरोप में गवाहों के पक्षद्रोही होने पर प्रधान संघ के नेता को बरी किया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायालय से सुनाया गया है। इस मामले में पैरवी कर रहे बचाव पक्ष के अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि घटना 19 दिसंबर 1999 की शाम की है।
बन्नादेवी नलकूप कालोनी के बाहर खोखा संचालक राजेंद्र सिंह की ओर से नामजद मनोज सिंह निवासी सुरेंद्र नगर आदि पर मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें मारपीट का आरोप था। न्यायालय में सत्र परीक्षण के दौरान गवाह पक्षद्रोही हो गए। इस आधार पर अदालत ने मनोज सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है और गवाह पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। बता दें कि मनोज सिंह जवां ब्लाक से पूर्व प्रधान व वर्तमान प्रधान पति हैं और प्रधान संघ के पदाधिकारी हैं।
बाइकर्स शरद गोस्वामी हत्याकांड में सजल की जमानत खारिज
महानगर के रामघाट रोड की चर्चित बाइकर्स गैंगवार में मारे गए एक गुट के शरद गोस्वामी की हत्या में दूसरे गुट के सजल चौधरी की जमानत हाईकोर्ट से खारिज कर दी गई है। मामले में वादी पक्ष से पैरवी कर रहे अधिवक्ता नीरज चैहान ने बताया कि यह घटना वर्ष 2016 की रामघाट रोड पर क्वार्सी थाने के बगल में स्थित गेस्ट हाउस की है।
शादी समारोह में शामिल होने गए शरद गोस्वामी को हमलावरों ने फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। इस दौरान एक राहगीर युवक भी जख्मी हुआ था। हत्याकांड में दूसरे खेमे से मुख्य आरोपी देवसैनी निवासी सजल चौधरी सहित कई आरोपी जेल गए। इनमें से कुछ जमानत पर हैं और कुछ जेल में हैं। मामले में सजल चौधरी की ओर से हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दायर कर रखी थी। जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।