अलीगढ़ के रामघाट रोड पर गोवर्धन पूजा की रात एएमयू के पूर्व छात्र व उसके दोस्त नामचीन मिठाई कारोबारी के पुत्र को गोली मारने की घटना के चार आरोपियों की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज की गई है।
अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी चौ.जितेंद्र सिंह, नीरज चौहान व आलोक सिंघल के अनुसार 25 अक्तूबर की रात स्वर्ण जयंती नगर निवासी कमल शर्मा का बेटा एएमयू का पूर्व छात्र कुशाग्र उर्फ सीपू अपने कुछ दोस्तों के साथ सेंटर प्वाइंट के पास खड़ा था। इस दौरान कुछ रंगबाज बाइकर्स से उनका झगड़ा हुआ।
झगड़े के बाद दोनों पक्ष वहां से चले गए। कुछ देर बाद हमलावर पक्ष ने कुशाग्र व उसके दोस्त मिठाई कारोबारी राजीव जलाली के बेटे शुभम वार्ष्णेय को रामघाट रोड पर केके अस्पताल के पास घेर लिया। जहां दोनों पर फायरिंग की।
हमले में कुशाग्र के पेट व शुभम के पैर में गोली लगी। दोनों का जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार हुआ। मुकदमे में सीसीटीवी फुटेज की मदद से आठ नाम सामने आए। जिनमें चार नाम फायरिंग की घटना के मौके पर और चार सेंटर प्वाइंट के झगड़े में भी शामिल थे।
मामले में विशाल यादव, जय यादव, प्रियांशु शर्मा व निखिल ठाकुर की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई। सत्र न्यायाधीश डॉ.बब्बू सारंग की अदालत से चारों की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई हैं। इधर, इनके साथी व्योम कौशिक की जमानत अर्जी इसी मामले में दर्ज गैंगस्टर के मुकदमे में गैंगस्टर कोर्ट से खारिज की गई है।