कोहिनूर मंच पर प्रस्तुति देते मेंटलिस्ट सुहानी शाह
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अलीगढ़ नुमाइश के कोहिनूर मंच पर 26 फरवरी को मेंटलिस्ट सुहानी शाह ने अपनी प्रस्तुति से सभी को हैरान कर दिया। अपने शो के जरिए कई लोगों के दिमाग को पढ़ने (माइंड रीड) का काम किया तो दूसरी तरफ अपने जीवन के कुछ अनसुने किस्से भी साझा किए। हर कोई सुहानी की प्रतिभा को देख हतप्रभ नजर आया।
उन्होंने मंच पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार व उनकी पत्नी को बुलाया और एक डिजाइन बनवाई। फिर खुद की आंखों पर पट्टी बांध कर उस डिजाइन को पूरा किया। उन्होंने कुछ नंबर लिखवाए फिर उस नंबर को भी लिख दिया। दर्शकों से भी कुछ नंबर पसंद कराए फिर उन्हें एक-एक कर बताया। एक लड़के को बुलाकर उसके पास मौजूद नोट का नंबर बता दिया। सुहानी ने आज की तारीख भी बता दी। उन्होंने चार अलग-अलग लोगों को अलग- अलग पेपर दिए। फिर उन पर अलीगढ़ महोत्सव लिखकर दर्शकों की तालियां बटोरी। सुहानी शाह ने ऐसे ही अंदाज से देर रात तक दर्शकों का मनोरंजन किया।
मोहम्मद वकील की गजलों पर झूमे
गजल गायक मोहम्मद वकील ने हरिओम के उच्चारण के साथ कार्यक्रम शुरू किया। गाइए गणपति जग वंदन ... गाने के बाद उन्होंने शायरी से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने आया तेरे दर पर दीवाना..., छाप तिलक सब छीने रे...सुनाया। कार्यक्रम में गजल गायक पंकज उधास को श्रद्धांजलि देते हुए चांदी जैसा रंग है तेरा.. सोने जैसे बाल...सुनाया। इसके बाद ये जो हल्का-हल्का सुरूर है, सब तेरी नजर का कसूर है..., मेरे रस्के कमर तूने पहली नजर..., आहिस्ता-आहिस्ता..., हंगामा है क्यूं बरपा थोड़ी सी जो पी ली है... समेत कई गजलों व लोकप्रिय गीतों को सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ एडीएम सिटी की धर्मपत्नी ने किया। देर रात तक दर्शक गीतों व गजलों का आनंद उठाते रहे।