हैरी एस्ट्रोनॉमी के रंजन राणा व तकनीकी सहायक अंतरिक्ष में हुई खगोलीय घटना को देखने के बाद एक दूसरे से वार्ता करते हुए
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हेडिंग क्षुद्र ग्रह ओआर-२ अभी दुनिया के वास्ते खतरा नहीं प्वाइंटर तीन वर्ष ८ महीने पुन: दिखेगा ये ग्रह, वर्ष 2079 में यह क्षुद्र ग्रह धरती से 3.5 गुना ज्यादा नजदीक से गुजरेगा अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। दुनिया भर के कई समाचारों में 29 अप्रैल को पृथ्वी के लिए प्रलय का दिन घोषित कर देश दुनिया में भय का वातावरण बनाया। इसी क्रम में हैरी एस्ट्रोनॉमी क्लब भी इस खगोलीय घटना के अध्ययन में जुटा है। यही नहीं इस घटना को लेकर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों की नवीनतम खोज व परिणाम का संकलन करने में लगा हुआ था। क्लब के अध्यक्ष संजय खत्री, तकनीकी जानकर दिलीप कुमार व प्रवक्ता रंजन राना ने बुधवार अलसुबह 2 से 5 बजे तक टेलिस्कोप की सहायता से इसका स्वयं अवलोकन किया। जिसमें पता चला कि जिस आकाशीय पिंड को प्रलय का कारण बताया जा रहा था, वह एक क्षुद्र ग्रह है। जिसे 1998 ओआर 2 के नाम से जाना जाता है। यह निरंतर सूर्य की परिक्रमा कर रहा है, इसका व्यास 2 किलोमीटर से अधिक है। यह पृथ्वी से 6.3 मिलियन किलोमीटर दूर होकर गुजरा है। यह क्षुद्र ग्रह आज के बाद 3 वर्ष 8 माह बाद या 1344 दिनों बाद पुन: दिखेगा। खगोलीय अध्ययनकर्ताओं ने इस क्षुद्र ग्रह को संभावित खतरनाक पिंड (पीएचओ) की श्रेणी में रखा है। वर्ष 2079 में यह क्षुद्र ग्रह धरती से 3.5 गुना ज्यादा नजदीक से गुजर सकता है। ये चिंता का विषय हो सकता है लेकिन अभी कुछ नहीं है।