अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव कराने के पक्ष में एएमयू इंतजामिया नहीं है। ऐसा कहना छात्रों का है। एएमयू कोर्ट सदस्य के 50 फीसदी से ज्यादा पद रिक्त हैं। कोर्ट सदस्य छात्रसंघ के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और एक कैबिनेट होते हैं। मगर उनके अधिकारों से उन्हें वंचित रखा जा रहा है।
छात्र प्रतिनिधि न होने से विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान भी नहीं हो रहा है। चुनाव न होने के मसले पर छात्रों में आक्रोश है। उधर, बृहस्पतिवार को कार्यकारी परिषद की बैठक होगी, जिसमें कुलपति पैनल से लेकर अन्य बिंदुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव तो हर बार होना चाहिए और अपने निर्धारित समय पर, लेकिन एएमयू प्रशासन तब तक चुनाव नहीं करवाता है, जब तक छात्र धरना प्रदर्शन न करे।
डॉ. फैजुल हसन, पूर्व अध्यक्ष छात्रसंघ, एएमयू
छात्रसंघ से ज्यादा जरूरी विश्वविद्यालय का नेतृत्व है, क्योंकि कुलपति छात्र संघ का संरक्षक होता है। मजबूत कुलपति आएं, जो छात्र संघ और विश्वविद्यालय दोनों का नेतृत्व करें।
सलमान गौरी, छात्र नेता, एएमयू
एएमयू प्रशासन छात्रसंघ चुनाव नहीं होने देना चाहता है। छात्रों को एक होकर चुनाव व कोर्ट सदस्य के लिए मांग करनी चाहिए। जवाब न मिलने पर धरना देना चाहिए।
-इमरान खान, छात्रनेता, एएमयू
छात्रसंघ चुनाव होना बहुत जरूरी है। यूनिवर्सिटी में आए दिन छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रवेश प्रक्रिया खत्म होने पर है, इसलिए चुनाव जल्द हो।
-हमजा जमशेद, छात्रनेता, एएमयू