कमिश्नरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को लेकर छिड़काव करते नगर निगम कर्मचारी
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काश, मुख्यमंत्री जी शहर में रोज आते तो ऐसी चकाचक व्यवस्था देखने को मिलती। उनके आगमन को लेकर जिस तरह सड़कों की सूरत बदली गई, वह किसी उपलब्धि से कम नहीं है। जिन सड़कों पर जनता हिचकोले खाते चलते थे, आज उन्हीं सड़कों पर बिना झटका खाए आ-जा रहे थे। सड़कों के गड्ढों जैसे जख्मों पर भराव रूपी मरहम लगाए गए। यह त्वरित टिप्पणी शहरवासियों ने बदली व्यवस्थाओं को देखकर की।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर क्वार्सी के पास नालों को हरा पर्दा लगाकर ढक दिया गया। क्वार्सी चुंगी से केलानगर मार्ग पर बारिश के चलते कई गड्ढे थे, जो भरे नहीं जा रहे थे। मगर मुख्यमंत्री के आने की खबर से उन गड्ढों को भर दिया गया। इसी तरह जेल रोड के पास के गड्ढे भी भरे गए। मैरिस रोड के गड्ढे भरे गए। दोपहर में क्वार्सी से लेकर मीनाक्षी पुल तक कर्मचारी लाइट ठीक करते रहे।
मुख्यमंत्री जी को शहर में रोज आना चाहिए। अगर वो इसी तरह आते रहेंगे, तो शहर की व्यवस्था हमेशा चकाचक बनी रहेगी।
- चौधरी इफराहीम हुसैन, समाजसेवी
जिस तरह सड़कों की साफ-सफाई व्यवस्था दिखी, वह जबर्दस्त रहा। गड्ढों को आनन-फानन भर दिया गया। वर्ना, गड्ढों का दायरा बढ़ता रहता है।
-प्रदीप के गुप्त, समाजसेवी
कहीं सड़क चमाचम, तो कहीं पर गंदगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जहां रात्रि प्रवास करना था और जिस रास्ते से होकर उन्हें अलीगढ़ हैबीटेट सेंटर पहुंचना था, उन राहों को बेहद सुगम और चमाचम किया गया था, लेकिन दूसरी तरफ कुछ ऐसी भी सड़कें थी, जो अपनी बेबसी पर आंसू बहा रही थीं।
मसलन, ऊपरकोट के पास चंदन शहीद रोड पर कूड़ा दोपहर करीब एक बजे उठाया जा रहा था। शाहजमाल में सड़क पर गंदगी फैली थी। भुजपुरा समेत इलाकों में जलभराव से आमजन जूझ रहे हैं। बारिश के बाद आज तक जल निकासी की कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है। मुख्यमंत्री के आगमन पर एक ही शहर में दो तरह का दृश्य देखने को मिला।