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Aligarh News: फायरिंग, अराजकता और गुंडागर्दी पर एएमयू के छात्रों में गुस्सा

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एएमयू कैंपस में दो गुटों में दिनदहाड़े हुई फायरिंग में एक मेडिकल छात्रा के गोली लगने से घायल हो गई। हर बार की तरह इस बार भी एएमयू इंतजामिया ने इसे बाहरियों का झगड़ा बता रहा है। यह हाल तब है कि जबकि बाहरियों पर हाईकोर्ट भी टिप्पणी कर चुका है, इसके बाद बाहरी लोगों की गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगा। फायरिंग, अराजकता और गुंडागर्दी पर छात्रों व छात्राओं में गुस्सा है।
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घटना ने फिर से उच्च न्यायालय की अवमानना की है? बड़ा सवाल है कि आखिर कब तक इस तरह की गुंडा गर्दी होगी और बाहरी कैंपस में अराजकता का कारण बनते रहेंगे? इंतजामिया इनकी रोकथाम पर क्या कभी कोई ठोस कदम उठा पाएगा या नहीं?, कैंपस में वारदात करने वालों को बाहरी बताकर कब तक अपराधियों को बचाया जाता रहेगा।




बुधवार को हुई इस घटना को लेकर अब तक की जांच में सामने आया है कि तीन दिन पहले सेंट्रल कैंटीन में जैद अली नाम के छात्र को पीटा गया था। जो सर सैयद हाल में रहकर बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसने एक दर्जन पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। जैद पर हमले की घटना में नामजद ही बुधवार को हुई घटना में अब तक सामने आए हैं, जिनमें से एक को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना को लेकर कैंपस में छात्र-छात्राओं में बेहद गुस्सा है। घटना के बाद छात्र-छात्राओं ने एएमयू इंतजामिया के प्रति गुस्सा जाहिर किया है। प्रॉक्टर डा.वसीम अली का कहना है कि दो बाहरी गुटों में झगड़े के दौरान फायरिंग हुई थी।
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आखिर कब तक आते रहेंगे बाहरी

चाहे कैंपस में अराजकता का मामला हो या कैंपस से आतंकियों के पकड़े जाने का, हर बार एएमयू प्रशासन इसी तरह कूटनीतिक बयान जारी करती है। गुंडागर्दी करने वालों को बाहरी बताया जाता है। आतंकियों पर कभी ये स्पष्ट नहीं किया जाता कि वह छात्र है या नहीं, जबकि हाईकोर्ट स्तर से कैंपस में प्रवेश के अलावा हॉल और हॉस्टलों में बाहरियों पर रोकथाम के लिए एएमयू को नियमावली लागू करने संबंधी आदेश दिया है। यह आदेश सीएए-एनआरसी उपद्रव संबंधी एएमयू छात्रों की अर्जी खारिज करते हुए दिया था। मगर उस आदेश का आज तक पालन होते नहीं दिखा है।
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