महाराजा अग्रसेन जयंती शोभायात्रा से ऐन पहले स्वागत द्वार तोड़े जाने और उन पर लगे महाराजा अग्रसेन के बैनर पोस्टरों को नाले में गिराए जाने पर अग्रवाल समाज उग्र हो उठा। बृहस्पतिवार दोपहर रसलगंज अग्रसेन चौक पर एकत्रित समाज के सैकड़ों लोगों ने जाम लगाकर तीन घंटे तक धरना दिया, जिससे जीटी रोड की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई।
मौके पर आए अपर नगर आयुक्त से जमकर खींचतान व हाथापाई तक कर दी। उन्हें दौड़कर एसपी सिटी आफिस में घुस अपनी जान बचानी पड़ी। बाद में अपर नगर आयुक्त के निलंबन, मुकदमा व माफी मांगने की जिद पर अड़े अग्र वंशज हंगामा करते रहे। बाद में नगर निगम प्रतिनिधि के तौर पर आए सहायक नगर आयुक्त ने माफी मांगी और अपर नगर आयुक्त के खिलाफ तहरीर स्वीकार की गई। तब हंगामा शांत हुआ और जाम खोलकर धरना हटाया गया।
दो अक्तूबर को प्रस्तावित शोभायात्रा की तैयारियां पिछले काफी समय से चल रही हैं। इसी क्रम में शहर में जगह-जगह स्वागत द्वार बनवाए गए थे। आयोजकों की दलील है कि परंपरा के अनुसार प्रशासन से अनुमति लेकर हर बार की तरह तैयारियां शुरू की गईं और उसी तरह स्वागत द्वार भी बनवाए गए।
इधर, 27 सितंबर की देर रात नगर निगम टीम ने अपर नगर आयुक्त की अगुवाई में अग्रसेन चौक से लेकर रेलवे स्टेशन तक होर्डिंग, बैनर हटवाने के साथ-साथ यातायात में बाधक बनने की दलील देकर स्वागत द्वार भी तुड़वा दिए। बैनर पोस्टर 28 सितंबर की सुबह नालों में पड़े मिले। इसी घटनाक्रम के विरोध में अग्रवाल समाज ने आंदोलन का एलान किया और बृहस्पतिवार सुबह 11:30 बजे से रसलगंज अग्रसेन चौक पर समाज के लोग एकत्रित होने लगे।
धीरे-धीरे भीड़ बढ़ी और दोपहर 12:30 बजे से प्रदर्शनकारियों ने जीटी रोड पर दोनों ओर जाम लगा दिया। नगर निगम, अपर नगर आयुक्त के खिलाफ मुर्दाबाद नारेबाजी करते हुए सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी हाथों में अपर नगर आयुक्त को निलंबित करो, मुकदमा दर्ज करो और माफी मांगों जैसी पट्टिकाएं लिए बैठे थे। साथ ही नगर निगम द्वारा स्वागत द्वार लगवाए जाने की मांग की जा रही थी।
करीब एक घंटे तक उग्र प्रदर्शन होता रहा और पुलिस यातायात व्यवस्था को संभालने का प्रयास करती रही। इसी बीच एसडीएम कोल संजीव ओझा उन्हें समझाने पहुंचे तो मौके पर अपर नगर आयुक्त को बुलाकर माफी मंगवाने की मांग उठाई गई। पहले तो इस बात को टालने का प्रयास किया गया, मगर जिद को देख अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त को वहां बुलाया गया।
जैसे ही अरुण कुमार गुप्त वहां पहुंचे तो उन्हें प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने घेर लिया और उन्हें खरीखोटी सुनाते हुए अभद्रता कर दी। इसी बीच बेकाबू हुई भीड़ ने उनके साथ हाथापाई व धक्कामुक्की तक कर दी। किसी तरह अपर नगर आयुक्त ने दौड़कर एसपी सिटी दफ्तर में घुसकर खुद को बचाया। उनके वहां से जाने के बाद फिर प्रदर्शन उग्र हो गया और कहा जाने लगा कि जब तक वे आकर माफी नहीं मांगेंगे, तब तक धरना नहीं हटेगा।
करीब एक घंटे तक एसडीएम भीड़ को समझाते रहे। बाद में तय हुआ कि सहायक नगर आयुक्त ठाकुर प्रसाद सिंह नगर निगम से आएंगे। उनके आने पर उन्होंने माइक से सर्व समाज से महाराजा अग्रसेन के प्रति माफी मांगी। तब जाकर विवाद शांत हुआ।
इधर, नगर निगम से स्वागत द्वार बनवाना तय हुआ और अपर नगर आयुक्त के खिलाफ बन्नादेवी इंस्पेक्टर को तहरीर दी गई। तब जाकर साढ़े तीन बजे धरना व जाम समाप्त हुआ। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि जो तहरीर मिली है और पूरे घटनाक्रम को जोड़कर जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य उजागर होंगे, उनके अनुसार आगे कार्रवाई तय की जाएगी।