बीएलओ की ड्यूटी न लेने वाले शिक्षकों का वेतन रोके जाने से शिक्षक नेताओं में गुस्सा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के जिलाध्यक्ष डॉ. राजेश चौहान और जिला महामंत्री सुशील कुमार शर्मा ने शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की बीएलओ के रूप में लोकसभा और विधानसभा में ड्यूटी लगी है।
फिर भी उनकी नगर पंचायत में बीएलओ की ड्यूटी लगाई गई है। ऐसी स्थिति में दो स्थानों पर बीएलओ का कार्य कैसे कर सकता है, लेकिन इसका खामियाजा शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है। शिक्षक नेताओं ने कहा कि तहसील स्तर से की गई गलत का खामियाजा शिक्षकों को न दें। उनका वेतन जारी करके उन्हें और उनके परिवार को दीपावली की खुशियों में शामिल होने दें।