अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्रों पर मुकदमा दर्ज होने से साथी छात्रों में गुस्सा है। उन्होंने कहा कि वह जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। छात्रों ने किसी के प्रभाव में मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया है। कहा, अगर मुकदमा जल्द खत्म नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे। बता दें कि पिछले दिनों एएमयू परिसर में फलस्तीन के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में पुलिस ने चार छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
छात्रों के बोल
एएमयू के छात्र हमेशा जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे। जुल्म करने वालों के खिलाफ आवाज उठाना कब से गलत होने लगा। पूरी दुनिया जानती है कि फलस्तीन के लोगों पर जुल्म हो रहा है। संयुक्त राष्ट्र हमेशा अपने फायदे के लिए इस्रराइल को समर्थन करता रहा है। किसी के प्रभाव में छात्रों पर मुकदमा दर्ज नहीं करनी चाहिए। जल्द मुकदमा खत्म किया जाए, नहीं तो आंदोलन करेंगे।-जानिब हसन, छात्र नेता, एएमयू
जो फलस्तीन की आजादी के नारे लगा रहे थे, वह अपने व्यक्तिगत विचारों को व्यक्त कर रहे थे। यह उनका सांविधानिक अधिकार है। महात्मा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी ने इस्रराइल-फलस्तीन विवाद के संदर्भ में फलस्तीन के लोगों के अधिकारों की सुरक्षा की बात की थी। जांच में यह बात सामने आएगी कि छात्रों ने कोई गैरकानूनी कार्य नहीं किया है।-इमरान खान, छात्र नेता, एएमयू
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी एक लोकतांत्रिक देश में है, जहां लोकतंत्र का बोलबाला है। इस देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। यहां के लोगों को मौलिक अधिकार भी मिले हैं। छात्रों का कोई धर्म नहीं होता है। छात्रों की आवाज को नहीं दबाना चाहिए। अगर यह आवाज दबाई गई तो जान लीजिए कि आने वाले भविष्य को दबाना है। -हमजा जमशेद, छात्र नेता, एएमयू