अमुटा चुनाव रद्द करने के मामले में सांसद सतीश गौतम ने कहा कि कुलपति प्रो. तारिक मंसूर कैंपस में बच्चों की शिक्षा पर ध्यान दें। फतवे न दें। उनका छोटे छोटे विषयों में दखल देना उचित नहीं लगता। चूंकि, हिंदू महिला निर्विरोध चुनाव जीती थी, इसलिए चुनाव रद्द किया गया है। यह मानसिकता को दर्शाता है। यह शोभा नहीं देता है।
अमुटा को लेकर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा है कि एएमयू कैंपस में छात्रों को अच्छी शिक्षा मिले, कुलपति इस बात का ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि हमारी ईश्वर से इतनी कामना है कि ईश्वर उन्हें सद्बुद्धि दे और वे विश्वविद्यालय को बेहतर ढंग से चलाने पर ध्यान दें। छोटी-छोटी बातों में खुद को शामिल कर कुलपति अपने पद की गरिमा न गिराएं। सांसद सतीश गौतम ने कहा कि चुनाव रद्द करना दुर्भाग्यपूर्ण है। एएमयू द्वारा किसी के अधिकारों का हनन करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि एएमयू के लोगों की अभी अपनी मानसिकता बदलने में समय लगेगा। महिला और पुरुष का भेदभाव खत्म होने में समय लगेगा। सांसद ने कहा कि अभी कुछ दिन बाद एएमयू में जब एससी-एसटी आरक्षण लागू होगा, तब विश्वविद्यलाय में और भी बदलाव नजर आएंगे। मैं खुद कुलपति से इस विषय पर बात करूंगा।