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बदइंतजामी : घर जा रहे एएमयू छात्रों को ट्रेन में हो रहीं उल्टियां, पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं

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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय - फोटो : AMAR UJALA
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अलीगढ़। महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में अपने अपने घरों को रवाना हो रहे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को विशेष ट्रेन में बेहद असुविधा और कठिन समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं। उनमें खाने और पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है। साथ ही सैनिटाइजेशन भी नहीं होने की बात कही गई है। शुक्रवार को यात्रा कर रहे छात्रों ने विश्वविद्यालय को पत्र लिखा। विश्वविद्यालय की शिक्षिका तरुशिखा सर्वेश ने पूरे मामले से रेल मंत्री पीयूष गोयल को ट्विटर पर अवगत कराया है। बृहस्पतिवार को पश्चिम बंगाल के 210 विद्यार्थियों को उनके घर के लिए रवाना किया गया। इन सभी को मथुरा से ट्रेन पकड़नी थी। अलीगढ़ से ये सभी विद्यार्थी मथुरा पहुंचे। विद्यार्थियों का कहना है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रेलवे को स्लीपर कोच के लिए पेमेंट किया गया था। लेकिन ट्रेन में जनरल बोगी लगा दी गई हैं। यही नहीं, ट्रेन में पानी तक की व्यवस्था नहीं है। बहुत गंदगी है और इतने लंबे सफर में खाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है। सफर के दौरान बोगी नंबर 2, 3 और 4 में सवार कुछ छात्रों की तबीयत भी खराब हो गई है और उन्हें लगातार उल्टियां हो रही हैं। साथ ही ट्रेन का रूट भी बदल दिया गया है। ट्रेन मुगलसराय होकर पश्चिम बंगाल पहुंचने थी और उन्हें शुक्रवार सुबह 10 बजे स्टेशन पर पहुंच जाना था लेकिन ट्रेन को मध्य प्रदेश की रूट की तरफ डायवर्ट कर दिया गया है। इससे ट्रेन 30 घंटे बाद पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। इसी तरह बृहस्पतिवार की रात अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से भी कुछ और छात्र हावड़ा के लिए रवाना किए गए थे । लेकिन पूरी रात गुजर जाने के बाद ट्रेन शुक्रवार 12 बजे तक कानपुर तक ही पहुंच पाई है। इस ट्रेन में भी बहुत व्यवस्था और असुविधा होने की बात छात्रों में कही है। ट्रेन की व्यवस्था एएमयू ने नहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने की है : एएमयू एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई का कहना है कि मथुरा से जो ट्रेन छात्रों को लेकर पश्चिम बंगाल जा रही है, उसकी व्यवस्था अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने नहीं की है। इस ट्रेन की व्यवस्था पश्चिम बंगाल सरकार ने की है। पश्चिम बंगाल सरकार ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से छात्रों के नाम मांगे थे। हमने वह नाम पश्चिम बंगाल सरकार को उपलब्ध करा दिए थे। हमने बृहस्पतिवार को 210 छात्रों को बसों से ट्रेन में सवार होने के लिए अलीगढ़ से मथुरा रवाना किया था। बसों का पूरी तरह से सैनिटाइजेशन किया गया था। मथुरा पहुंचने पर जब कुछ छात्रों ने ट्रेन में गंदगी और अव्यवस्था देखी तो 70 छात्र वापस लौट आए थे। ट्रेन से 140 छात्र पश्चिम बंगाल की ओर जा रहे हैं।
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