गोली लगने से घायल एएमयू कर्मचारियों को जेएन मेडिकल में देखने पहुंचीं एएमयू वीसी
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में मेडिकल कॉलोनी के पास 24 जुलाई सुबह एएमयू के दो कर्मचारी भाइयों पर हमला कर दिया गया। दोनों भाई गोली लगने से जख्मी हुए हैं, जिन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। इस दौरान एएमयू के सुरक्षाकर्मियों ने दो हमलावरों को मौके से दबोचकर पुलिस को सौंप दिया। इस घटना के मूल में भाई की हत्या के बदले हत्या के इरादे से हमला कराया जाना उजागर हुआ है।
मूल रूप से जवां निवासी सगे भाई नदीम महमूद व कलीम महमूद एएमयू रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत हैं। दो माह पहले वह रंजिश के चलते गांव छोड़कर यहां मेडिकल कॉलोनी में आकर बसे हैं। घटनाक्रम के अनुसार, रोजाना की तरह सुबह नौ बजे दोनों भाई घर से स्कूटी पर ड्यूटी के लिए निकले। कलीम स्कूटी चला रहे थे, जबकि नदीम पीछे बैठे थे। जैसे ही वह मेडिकल कॉलोनी से कुछ आगे मिंटोई चौराहे पर पहुंचे।
तभी घात लगाए बाइक सवार हमलावरों ने दोनों पर फायरिंग कर दी। हालांकि निशाना नदीम को बनाया गया। पीछे से चली एक गोली नदीम के कमर के रास्ते पेट में घुस गई। दूसरी गोली कलीम के सिर को जख्मी करते हुए निकल गई। एकाएक तीन-चार राउंड फायर होने से परिसर में मौजूद एएमयू सुरक्षाकर्मी हरकत में आ गए। घेराबंदी कर दो हमलावरों को पकड़ लिया। आनन-फानन घायलों को जेएन मेडिकल कॉलेज लाया गया।
सूचना पर एएमयू वीसी प्रो. नईमा खातून, प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली, सीओ तृतीय अमृत जैन आदि पहुंच गए। पकड़े गए आरोपी पुलिस को सौंप दिए गए, जिनकी पहचान रहीम व जुनैद के रूप में हुई। खबर पर परिजन भी पहुंच गए। इस मामले में नदीम की पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के साथ-साथ फरार मुख्य आरोपी तालिब, उसके मामा मामू उर्फ सरताज व अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। अब तक की जांच में तालिब द्वारा अपने भाई की हत्या के बदले हत्या के इरादे से यह हमला कराया जाना उजागर हुआ है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
एएमयू परिसर में दो कर्मचारियों पर हुए हमले में हत्या से जुड़ी पुरानी रंजिश में बदले की नीयत से घटना को अंजाम देना उजागर हुआ है। दो आरोपी मौके से पकड़े गए हैं। बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। - अमृत जैन, एएसपी/सीओ तृतीय।