इसरो-स्टार्ट नोडल सेंटर के समन्वयक डॉ. हारिस हसन खान ने कहा कि यह सहयोग अंतरिक्ष उत्साही विशेषज्ञों की एक नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जो अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
एएमयू के रिमोट सेंसिंग और जीआईएस अनुप्रयोग सेंटर को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए नोडल केंद्र के रूप में नामित किया गया है।
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विभाग के अध्यक्ष व इसरो-स्टार्ट नोडल सेंटर के समन्वयक डॉ. हारिस हसन खान ने कहा कि यह सहयोग अंतरिक्ष उत्साही विशेषज्ञों की एक नई पीढ़ी के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा, जो अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारत की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
विशिष्ट अतिथि भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. कुंवर फराहिम खान ने इसरो के साथ समन्वय के लिए अंतःविषयी विभाग के प्रयासों की सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप नोडल केंद्र की स्थापना हुई। संचालन डॉ. तंजील ने किया। डॉ. रिजवान अहमद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।