अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रों ने पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर बुधवार को प्रदर्शन किया। परीक्षा नियंत्रक से मिलने के लिए छात्रों को सुरक्षाकर्मियों ने रोक लिया, लेकिन प्रॉक्टर के आदेश पर उन्हें अंदर जाने दिया गया।
बुधवार को पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली की शिकायत को लेकर छात्र परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे। करीब 25-30 मिनट तक चली वार्ता में छात्रों ने अपनी समस्याएं रखी। इसके बाद उन्हें छह सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। छात्र नेता इमरान गाजी ने कहा कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली बरती गई है। पीएचडी की खाली सीटें दिखाई जाएं।
शैक्षणिक सत्र 2021-22 के तहत रिक्त सीटों को दर्शाएं और तत्काल पूर्ण करें। छात्रनेता आरिफ त्यागी ने बताया कि रिक्त सीटों की कुल संख्या के संबंध में पूर्व में गलत और अधूरी सूचना देने वाले संकाय सदस्यों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। पश्चिम एशिया विभाग (भूगोल, आर्थिक, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र) में विषयवार खाली सीटें दिखाई जाएं, जैसा कि यूजीसी के मानदंडों के अनुसार पहले दिखाया गया था।
स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों की तरह पीएचडी के लिए प्रवेश प्रतीक्षा सूची भी दिखाई जानी चाहिए, ताकि इच्छुक छात्र प्रवेश ले सकें। अंतिम परिणाम के साथ पीएचडी लिखित और मौखिक परीक्षा के अंक दिखाएं। आरिफ ने कहा कि जिनके 44 अंक आएं, उनके नाम सूची में आ गए, जबकि 55 अंक लाने छात्र का नाम सूची से गायब है। इसमें वह भी शामिल हैं। आरक्षित वर्ग में उनका नाम नहीं आया। हालांकि, उनके 50 ज्यादा अंक आए हैं।