अलीगढ़। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत केनरा बैंक द्वारा जिला स्तरीय बैंकर्स समिति के
सहयोग से क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया। इस मौके पर बैंकों ने कई ऋण योजनाओं
के 2765 लाभार्थियों को 201 करोड़, 91 लाख रुपये के ऋण स्वीकृत किए। इससे पूर्व के
कार्यक्रम में 230 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं।
कार्यक्त्रस्म की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जेण् ने कहा कि जनपद के लिए
यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे पहले भी लगभग 230 करोड़ रूपये के ऋण बैंकों द्वारा स्वीकृत
किये जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि बैंको का देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण
योगदान है। वह इसी प्रकार से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं में विभागों द्वारा
भेजे गये आवेदन पत्रों पर अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत कर पात्रों को लाभ दिलाकर उन्हें
स्वरोजगार उपलब्ध कराते हुए आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करें।
जिला मजिस्ट्रेट सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि लाभार्थी बैंकों के माध्यम से स्वरोजगार स्थापना
के लिए मिली धनराशि का सदुपयोग करें। वर्तमान में महिलाएं पुरुषों से कहीं आगे निकल गई हैं।
वे छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना कर अनेक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा सकतीं हैं। मुख्य
विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति बैंक में लोन लेने आता है तो उसे
समय से लोन दिया जाए। उससे अनावश्यक चक्कर न लगवाए जाएं। लोन देने का उद्देश्य
स्वरोजगार की स्थापना एवं उसको आगे बढ़ाना है। इस अवसर नगर आयुक्त गौरांग राठी,
उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान, डीडीआईएफ संजय सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक केनरा बैंक अंशुमान
डे, क्षेत्रीय प्रबंधक एसबीआई राजेश प्रसाद, क्षेत्रीय प्रबंधक आर्यावर्त बैंक केयू खान,
डीडीएम नाबार्ड पंकज गुप्ता, एफएलसी मुकेश पांडेय, बैंकों के जिला समन्वयक, अग्रणी बैंक
कार्यालय से अधिकारी प्रदीप कुमार मौजूद रहे। कार्यक्त्रस्म का संचालन आरसेटी निदेशक अतुल
सिंह ने किया।
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बैंकों ने लगाए स्टाल
अलीगढ़। कार्यक्रम में बैंकों ने स्टाल लगाकर सरकार द्वारा प्रायोजित ऋण योजनाओं जैसे मुद्रा
योजना, स्टेंड अप इंडिया, पीएम स्वनिधि, क्त्रस्ेडिट गारंटी, पीएमईजीपी, आत्मनिर्भर
योजना व केसीसी सहित अन्य योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी। विभागों
द्वारा भी स्टाल लगाकर विभागीय योजनाओं की जानकारी लाभार्थियों को उपलब्ध कराई
गयी। अधिकारियों ने लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चैक स्वीकृति प्रमाण पत्र भी प्रदान किये
गये।
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क्या बोले लाभार्थी
-मुद्रा लोन की स्वीकृति मिलने के बाद मैं अपने पैत्रिक मूर्ति कारोबार को आगे बढ़ा सकूंगा।
पूर्व के शिविर को देखने के बाद लोन मिलने की आस जागी थी। अब लोन मिलने के बाद राहत
महसूस कर रहा हूं।
अमित वार्ष्णेय, लाभार्थी, निवासी जयगंज
-मैं पटरी व्यवसायी हूं और खोखा लगाकर चाय की दुकान चलाता हूं। मुझे पीएम स्व निधि
योजना में दस हजार का लोन स्वीकृत हो गया है। अब मैं अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकूंगा।
खेमचंद, लाभार्थी, धौर्रा माफी