अलीगढ़। खराब प्रिंटर उपभोक्ता को देने और गारंटी पीरियड में उसको बदल कर न देने के मामले में उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने प्रिंटर कंपनी को प्रिंटर बदल कर देने या उसकी धनराशि देने के लिए निर्देश दिया है।
साथ ही 1000 रुपये मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के लिए और 1000 रुपये वाद व्यय के रूप में उपभोक्ता को देने के लिए आदेश दिया है।
रामघाट रोड पर रामबाग के वैष्णो रॉयल अपार्टमेंट में रहने वाले आशीष राघव ने एक कलर प्रिंटर खरीदा था। उसके लिए 2899 रुपए भी अदा किए थे । लेकिन खरीदने के कुछ दिन बाद ही प्रिंटर ने काम करना बंद कर दिया।
प्रिंटर गारंटी अवधि में था उन्होंने प्रिंटर खरीदने वाले डीलर से इस संबंध में शिकायत की, लेकिन डीलर ने कंपनी नियमों का हवाला देते हुए प्रिंटर बदलने या उसके बदले में उसका पैसा उपभोक्ता को देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
कई बार की वार्ता के बाद जब इस मामले का कोई नतीजा नहीं निकला तब आशीष राघव ने उपभोक्ता संरक्षण आयोग का दरवाजा खटखटाया। यहां पर मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद आयोग के अध्यक्ष हसनैन कुरेशी और सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह राजपूत ने प्रिंटर बनाने वाली कंपनी, जिसका मुख्यालय मुंबई में है, उसको आदेश दिया है कि वह या तो उपभोक्ता को प्रिंटर बदल कर दे। या उसका पैसा उसको वापस करें।
यही नहीं इस दौरान उपभोक्ता को जो मानसिक कष्ट हुआ है उसके लिए एक हजार रुपए अलग से उपभोक्ता को दिए जाएं। साथ ही इस कार्यवाही में उपभोक्ता के खर्च हुए पैसे के रूप में 1000 रुपए अलग से उसको दिए जाएं।