अलीगढ़। स्वतंत्रता के 75 वर्ष होने पर आजादी का अमृत महोत्सव और हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विमेंस कॉलेज द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में नीदरलैंड की प्रसिद्ध लेखिका प्रोफेसर पुष्पिता अवस्थी ने कहा कि भारत देश अनगिनत पंथों का देश है। यहां की सभ्यता संस्कृति संस्कार और भाषा अलग-अलग होते हुए भी लोगों को एक सूत्र में बांधने की क्षमता रखते हैं।
काशी की प्रोफेसर श्रद्धा सिंह ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में ऐसी महिलाएं भी शामिल रही जिन की जन्मस्थली इंग्लैंड रही, लेकिन उन्होंने भारत के हित के लिए कार्य किया।
जर्मनी की हमबर्ग यूनिवर्सिटी के डॉ. राम प्रसाद भट्ट ने कहां के हिंदी विभाग जर्मनी की यूनिवर्सिटी में 19वीं शताब्दी से है। वहां अनेक छात्र छात्राएं आज भी हिंदी को सीखते हैं।
विमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफ़ेसर नईमा गुलरेज़ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर रेशमा बेगम ने किया।
इस अवसर पर हिंदी विभाग से प्रोफ़ेसर अब्दुल अलीम, प्रोफेसर इफ्फत असग़र, प्रो. शम्भूनाथ तिवारी, प्रोफेसर रूमाना सिद्दीकी प्रो. अस्मा, डा. नाज़िश, डा.राहेला रईस, डा.सना फातिमा वाङ्गमय पत्रिका के संपादक डा.एम फ़ीरोज़ ख़ान आदि मौजूद रहे।
इसके अलावा एएमयू एसटीएस स्कूल (मिन्टोसर्किल) और एएमयू सिटी स्कूल में भी हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।