अलीगढ़। प्रभावी शिक्षण एक जटिल कार्य है और सीखने के लिए कई कारकों को एक साथ समाहित करने की आवश्यकता होती है।
यह बात कनाडा विश्वविद्यालय के डॉ. केन ब्रायन ने शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में कही।
वह डिजिटल युग में छात्र शिक्षक- संबंध विषय पर संबोधन कर रहे थे।
डॉक्टर केन ने कहा कि शिक्षकों को छात्रों और उनके माता-पिता के साथ परस्पर विश्वास आधारित संबंध बनाए रखने की जरूरत है।
उन्होंने शिक्षकों के लिए प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण के महत्व पर भी चर्चा की और आनलाइन कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्रों के सवालों के जवाब दिए।
मुंबई स्कूल शिक्षा की पूर्व उपनिदेशक शीला तिवारी मैं डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की शिक्षा और दर्शन की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किए।
पांडिचेरी विश्वविद्यालय की स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन प्रोफेसर मुमताज बेगम ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन का शिक्षा में बड़ा विश्वास था। शिक्षक छात्रों को आजीवन उपलब्धियों के लिए लक्ष्य तय करने में मदद देते हैं।
प्रख्यात हिंदी कवयित्री और भगवती देवी जैन गर्ल्स इंटर कॉलेज में शिक्षिका डा. कुसुम चतुर्वेदी ने बृहदारण्यक उपनिषद से कविताओं और भक्ति अंशों का पाठ किया।
कुमाऊं विश्वविद्यालय नैनीताल की प्रोफेसर विजयारानी ढ़ौडियाल मैं ई लर्निंग की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की।
प्रो. मुजीबुल हसन सिद्दीकी और प्रोफेसर पूनम चौहान ने संचालन किया।