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बरौली विधायक दलवीर सिंह ने अदालत में समर्पण किया आचार संहिता उल्लंघन के 4 साल पुराने मुकदमे में अदालत ने जारी किए थे वारंट, 4 घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद जमानत पर रिहा

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अलीगढ़। बरौली विधानसभा क्षेत्र से विधायक ठाकुर दलवीर सिंह ने चुनाव आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मुकदमे में मंगलवार को अदालत में समर्पण किया। उनके अधिवक्ता ने अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत की जिसके बाद 4 घंटे अदालत में न्यायिक अभिरक्षा में रहने के बाद जमानत मिलने पर वह रिहा हुए। इस दौरान न्यायालय परिसर में विधायक ठाकुर दलवीर सिंह के समर्थकों की खासी भीड़ रही। विधायक दलवीर सिंह के अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि दलवीर सिंह पर 13 जनवरी 2017 को तत्कालीन एसडीएम गभाना रामसूरत पांडे ने थाना गभाना में आचार संहिता उल्लंघन के तहत धारा 188 का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप है कि विधायक ने आचार संहिता लागू होने के बावजूद गभाना तहसील परिसर में बिना अनुमति लाउडस्पीकर लगाकर राजबहादुर व संजय चौहान के चैंबर पर वहां लोगों को सभा के रूप में संबोधित किया। यह आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की श्रेणी में आया है। इस मुकदमे की सुनवाई एमपी,एमएलए कोर्ट एडीजे-4 के यहां चल रही है। कोर्ट एडीजे-4 ने विधायक व पूर्व मंत्री ठा.दलवीर सिंह के गैर जमानती वारंट जारी किए । इसे लेकर एसएसपी को पत्र लिखकर उन्हें सात सितंबर को कोर्ट में पेशी के निर्देश दिए थे। इससे पहले न्यायालय द्वारा लगातार तलबी वारंट जारी किए जा रहे थे। लेकिन न पुलिस इनको तामील करा रही थी और विधायक स्वयं भी अदालत में प्रस्तुत नहीं हो रहे थे। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रामकुमार के अनुसार मंगलवार को विधायक ठाकुर दलवीर सिंह अदालत में समर्पण करने के लिए पहुंचे। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। उनके अधिवक्ता ने अदालत को उनके खराब स्वास्थ्य की स्थिति से अवगत कराया साथ ही जमानत याचिका भी प्रस्तुत की अदालत ने जमानत याचिका मंजूर कर ली और उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। मेरा पिछले काफी समय से स्वास्थ्य खराब है। इसलिए इस मामले में जानकारी नहीं हो पाई। जैसे ही मामला जानकारी में आया अदालत में समर्पण किया। और जमानत पाई है। -ठा.दलवीर सिंह, विधायक
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