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श्रवण कुमार की तरह पितृ भक्त थे कल्याण
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खेती में करते थे मदद, सिर पर डेढ़ मन का वजन लेकर आते थे घर
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के दो बार मुख्यमंत्री एवं राजस्थान तथा हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल रह चुके कल्याण सिंह श्रवण कुमार की तरह पितृभक्त थे। वह पिता की हर काम में मदद करते थे। बीमार पडऩे पर दिन-रात सेवा करते थे।
सुरेश चंद्र लोधी एवं कुंवर रणवीर सिंह राजपूत कहते हैं कि कल्याण सिंह का जीवन संघर्षों से भरा है। कदम-कदम पर चुनौतियों का सामना किया और आगे बढ़ते गए। वह कहते हैं कि कल्याण सिंह के पिता गांव में खेती करते थे। कल्याण सिंह इस काम में उनकी मदद करते थे। खेती का हर काम वह जानते एवं करते थे। वह बचपन से ही मेहनती थे। खेत से फसल या घास काटकर सिर पर रख कर लाते थे। घास का भी वजन डेढ़ मन से कम नहीं होता था। उसे उठाकर सिर पर रखने में दो लोग लगते थे। कुंवर रणवीर सिंह कहते हैं कि एक बार कल्याण सिंह के पिता बीमार हुए। उनको कफ आ रहा था। आसपास कुछ नहीं दिखा तो अपने पिता के मुंह के सामने हाथ बढ़ा दिया। उनका व्यक्तित्व ऐसा था कि लोग प्रभावित हुए बिना नहीं रहते थे। चुनाव में लोग परिजनों के गहने गिरवी रखकर उनकी मदद करने को तैयार रहते थे।
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