अलीगढ़। उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस विभाग सहित सभी विभागों में स्पोर्ट्स कोटे से नौकरियों को बहाल करने के फैसले का खेल संगठन के पदाधिकारियों सहित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जिम्नेजियम कोच और फिटनेस गुरु मजहरुल कमर ने स्वागत किया है।
उन्होंने कहा है कि इस फैसले से महामारी के दौरान हतोत्साहित हुए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा। उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। वह अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे और स्वयं के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित होते हुए देखेंगे।
मजहरुल कमर कहते हैं कि किसी खिलाड़ी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अजीविका के साधन की होती है। खेल कैरियर के बाद उसके सामने आर्थिक समस्याएं सिर उठाने लगती हैं। अगर खिलाड़ी को अपने खेल की उपलब्धि के आधार पर रोजगार भी हासिल हो जाए तो फिर वह अपने प्रदर्शन की ओर और भी गंभीरता से ध्यान देता है।
इसी कारण से प्रदेश सरकार का फैसला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के अंदर इससे खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा मिलेगा।
खेल पदाधिकारी कहते हैं...
खेल पदक और पाओ पद की नीति हरियाणा में बेहद सफल साबित हुई है। वहां पर सरकार ने खिलाड़ियों को विशेष तौर से नौकरियों में स्थान दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि वहां एक से बढ़कर एक खेल प्रतिमाएं निकल कर आईं। उत्तर प्रदेश में भी ऐसा ही बदलाव देखने को मिलेगा
-मुजाहिद असलम, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश जिम संगठन
उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बस आवश्यकता है तो उन्हें पहचान कर उनको सही प्रकार से प्रशिक्षित करने की। साथ ही उनके लिए आर्थिक रूप से भविष्य सुनिश्चित करने की। ताजा फैसला खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करेगा
-डॉ. प्रशांत शर्मा , उपाध्यक्ष यूपी बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन , महासचिव जिला बॉडी बिल्डिंग एंड फिटनेस ऐसोसिएशन