इब्ने सीना एकेडमी द्वारा आयोजित दुर्लभ ग्रंथ और पुस्तकों की प्रदर्शनी का अवलोकन करते जेएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक और विद्वान
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अलीगढ़। दुनिया में 500 साल पहले लिखी गई आयु वृद्धि के संबंध में पुस्तक ऐन अल-हयात (पांडुलिपि, 1532 में मुहम्मद इब्न यूसुफ अल-हरवी द्वारा अरबी में लिखी गई) की अनुवादित प्रति को इब्ने सीना एकेडमी द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया।
इब्ने सीना एकेडमी ने एक ब्रेन अवेयरनेस वीक की मेजबानी की, जिसमें विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं और मानसिक बीमारी के इलाज में वैज्ञानिक प्रगति, स्वस्थ जीवन शैली के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की।
500 साल पुरानी इस दुर्लभ पुस्तक का उर्दू में अनुवाद इब्ने सीना एकेडमी के अध्यक्ष और प्रसिद्ध यूनानी विद्वान पद्मश्री हकीम सैयद जिलिल्लुर रहमान द्वारा किया गया है। इस पुस्तक की दुनिया में केवल 4 प्रतियां मौजूद हैं।
पांच सौ साल पुराना यह काम बुजुर्गों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले भोजन, जलवायु और आवास सहित व्यवहार और जीवन शैली के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालता है।
एकेडमी को मस्तिष्क जागरूकता सप्ताह की मेजबानी के लिए अंतर्राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान संगठन की एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय समिति (एपीआरसी-आईबीआरओ) द्वारा चुना गया था।
इस दौरान ब्रेन सेफ्टी फाइंडिंग मेडिसिनल प्लांट्स इन मार्फिन एडिक्शन पर एक वेबिनार में जेएन मेडिकल कालेज के डा. सैयद जिया उर्रहमान ने मार्फिन एडिक्शन के एनिमल माडल्स में मिरिस्टिका फ्रेग्रेन्स और डेल्फीनियम डाइनोडाटम के फायदों के बारे में बताया। सऊदी अरब के डा. इमरान जहीर ने भी इस विषय पर अपने अवलोकन और अनुभव प्रस्तुत किए।
जेएन मेडिकल कॉलेज में न्यूरो सर्जरी विभाग के अध्यक्ष और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर एम. फखरूल हुदा ने इब्न सीना एकेडमी के दुर्लभ और प्राचीन अभिलेखागार, पुस्तकों और पुरावशेषों पर आधारित तंत्रिका विज्ञान पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के लिए मस्तिष्क और तंत्रिका विज्ञान पर पेंटिंग, निबंध और कविता प्रतियोगिताएं शामिल थीं और विजेताओं को प्रमाण पत्र और नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। लेडी फातिमा स्कूल में छठी कक्षा के सैयद फैज रहमान ने तंत्रिका विज्ञान कलाकृतियों पर मूल पोस्टकार्ड और टिकटों का एक कोलाज बनाया।