अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भीड़ हिंसा के विरोध में निकाले गए प्रोटेस्ट मार्च के दौरान छात्र पोस्टर बैनर लिए हुए
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाकर की जा रही भीड़ हिंसा के विरोध में एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला। इस दौरान राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन प्राक्टर कार्यालय के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपा गया।
जिसमें मांग की गई कि भीड़ हिंसा के दोषी चाहे किसी भी जाति और धर्म के हों, उनको सजा दिलाई जाए।
प्रोटेस्ट मार्च इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने डक प्वाइंट से शुरू हुआ। आर्ट फैकल्टी, मौलाना अाजाद लाइब्रेरी होकर बाबे सैयद गेट पर पहुंचा। यहां पर छात्र नेता फरहान जुबेरी ने कहा कि भीड़ हिंसा कि अब तक सन 2010 से 64 घटनाएं देश के अंदर हो चुकी हैं, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया गया है।
कभी नारा लगवाने के नाम पर, कभी गाय के नाम पर, तो कभी किसी अन्य कारणों से भीड़ ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को निशाना बनाया है। यह बहुत चिंताजनक स्थिति है।
ताजा घटना गाजियाबाद में हुई है। जिसमें अब्दुल समद नाम के बुजुर्ग व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इन्हीं घटनाओं के विरोध में प्रोटेस्ट मार्च निकाला गया है।
विश्वविद्यालय के प्राक्टर प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि छात्रों ने उनको ज्ञापन सौंपा है, जिसमें भीड़ हिंसा की घटनाओं की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। इसको जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति भवन भिजवाया जा रहा है। इस दौरान छात्र नेता मिस्बाह सहित अन्य छात्र नेता व छात्र मौजूद थे।