अलीगढ़। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य मीना कुमारी का कहना है कि छोटी उम्र की लड़कियों को मोबाइल न दें, अगर दें तो उन पर नजर रखें कि किससे बात कर रही हैं।
मीना कुमारी ने यह विवादित बयान पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में महिला उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के बाद दिया। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध का एक कारण मोबाइल भी है। माता-पिता को सोचना चाहिए कि लड़की के हाथ में 20 हजार का मोबाइल कहां से आया है, जबकि वह स्वयं मजदूरी कर मुश्किल से कुछ पैसे कमाते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास इस तरह के केस आते रहते हैं। कई लड़कियां घर से भाग कर शादी कर लेती हैं। मोबाइल के फायदे और नुकसान दोनों हैं। मां को देखना चाहिए कि उनकी लड़की मोबाइल पर किस से बात कर रही है। डेढ़-दो महीने पहले लखनऊ में एक बैठक हुई थी। उसमें पुलिस विभाग की एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा था कि अभिभावकों को जागरूक करें कि लड़कियों को मोबाइल दे तो नजर रखें। समाज को भी गंभीर होना पड़ेगा। लड़कियां घंटों मोबाइल पर बातचीत करती हैं और लड़के के साथ घर से भाग जाती है। मीना कुमारी का विवादित बयान सार्वजनिक होने के बाद उनकी आलोचना भी शुरू हो गई है। बाद में मीना कुमारी का भी सुर बदल गया है। उनका कहना है कि मैंने कोई विवादित बयान नहीं दिया है। मेरे कहने का तात्पर्य यह था कि मोबाइल को चेक करते रहे। उनके पास ऐसे केस आए थे। एक लड़की, लड़के के साथ भाग गई थी। मेरे ससुराल के पास के लोग हैं। लड़की की मां को समझाने की कोशिश कर रही थी परिवार वाले नजर रखते तो ऐसी घटना नहीं होती।