अलीगढ़ । ब्लैक फंगस का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। शुक्रवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस का एक और मरीज भर्ती हुआ।
इस तरह अब ब्लैक फंगस के जेएन मेडिकल कॉलेज में 12 मरीज भर्ती हैं। चिंताजनक बात यह है कि इनके उपचार में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध नहीं कराया गया है।
खुले बाजार में भी यह इंजेक्शन नहीं है। इससे यहां पर भर्ती मरीजों का उपचार प्रभावित हो रहा है। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि ब्लैक फंगस के जो भी मरीज सामने आ रहे हैं वह स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जेएन मेडिकल कॉलेज को ही भेज दिए जा रहे हैं।
यहां पर मरीज लगातार भेजे जा रहे हैं जबकि इनके इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज को 22 इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे, जो अब तक उपचार में लग चुके हैं।
इंजेक्शन को लेकर जिला प्रशासन और शासन के साथ भी हमारी बातचीत हुई लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है। किसी तरह ब्लैक फंगस के मरीजों की हालत को स्थिर रखने का काम किया जा रहा है।
लेकिन अगर इंजेक्शन नहीं मिले तो मरीजों की हालत बिगड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि अब तक ब्लैक फंगस के 5 मरीजों की सर्जरी हो चुकी है। उनको सघन निगरानी में रखा गया है। किसी भी मरीज की हालत बहुत गंभीर नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि सभी मरीज जल्दी ही स्वस्थ होकर अपने अपने घर को जाएं।
एक महीने बाद भी नहीं शुरू हो सका मेडिकल कॉलेज में नया ऑक्सीजन प्लांट
अलीगढ़। एक महीने का निर्धारित समय गुजर जाने के बाद भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में लगने वाला ऑक्सीजन का नया प्लांट लग नहीं पाया है।
जबकि इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से एक करोड़ 41 लाख रुपया उसी समय स्वीकृत कर दिया गया था। दावा किया गया था कि यह प्लांट 1 महीने में शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक जमीनी स्तर पर कोई काम शुरू नहीं होने की बात सामने आ रही है। हालांकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि अगले कुछ दिनों में काम शुरू हो जाएगा और जल्दी प्लांट काम करना शुरू कर देगा।