अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने विश्वविद्यालय प्रशासन के उस फैसले को गलत बताया है, जिसमें हॉस्टल में रह रहे छात्रों से हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
फैजुल हसन ने कहा है कि पूरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से लड़ रही है। वह बच्चे हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई और कम्पटीशन की तैयारी कर रहे हैं, तो इसमें परेशानी किस बात की है?
एएमयू की ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में कमी होने के कारण रोज़ बहुत सारे बच्चे कंट्रोलर ऑफिस, रजिस्टार ऑफिस, वीसी ऑफिस के चक्कर लगा लगाकर परेशान हो रहे हैं। मेल या एप्लिकेशन भेज रहे हैं क्योंकि उनके फॉर्म के भरने की पूरी प्रक्रिया नहीं हो पाई है। ऐसे में अगर वह बच्चे दूर ज़िले में अपने घर चले जाएंगे तो वहां से कैसे अपनी प्रक्रिया पूरी करेंगे ?
फैजुल हसन ने कहा कि एएमयू के छात्रों को जो मेडिकल सुविधाएं आसानी से एएमयू के कैंपस में रहकर मिल सकती हैं, उन्हें अपने गृह जनपद में यह सुविधाएं इतनी आसानी से नहीं मिल सकती हैं। अगर मिलेंगी भी तो जो पैसे खर्च होंगे उसके लिए एक मिडिल क्लास या मज़दूर तबके के छात्र के लिए बहुत मुश्किल हो जाएगा ।
ऐसे वक्त में एएमयू प्रशासन को चाहिए कि वह सारे बच्चों को यहां बुलाकर सबको अलग से कैम्प लगाकर वैक्सीन लगवाएं जिससे कोरोना जैसी महामारी से छात्रों की ज़िन्दगी बचाई जा सके।