अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एनआरएससी हॉल में आए सुंदरलाल बहुगुणा संबोधन करते हुए
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अलीगढ़। चिपको आंदोलन के प्रणेता और महान पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा सन 2006 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की एनआरएससी क्लब में आए थे। उनके निधन पर स्थानीय लोगों के मन में उस कार्यक्रम से जुड़े संस्मरण भी ताजा हो उठे हैं।
पर्यावरण सुरक्षा समिति हरीतिमा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुंदरलाल बहुगुणा ने अपने संबोधन में कहा था कि आने वाले समय में मनुष्य ऑक्सीजन के लिए तरस रहा होगा। संयोगवश आज 15 वर्ष बाद उनकी बात किसी हद तक सत्य साबित हो रही है। फर्क सिर्फ इतना है कि इस समय मेडिकल ऑक्सीजन की कमी से लोग जूझ रहे हैं। उस कार्यक्रम में शामिल रहे पर्यावरण कार्यकर्ता रंजन राना कहते हैं आज पर्यावरण संबंधी जितनी भी समस्याएं सामने आ रही हैं उनके संबंध में सुंदरलाल बहुगुणा ने अपने संबोधन में संकेत किया था।
रंजन राना कहते हैं कि कार्यक्रम का आयोजन बुजुर्ग पर्यावरणविद सुबोध नंदन शर्मा ने कराया था। बहुगुणा ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सुबोध नंदन शर्मा और उनकी संस्था हरीतिमा द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की थी
उस समय बहुगुणा ने कहा था कि अगर प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन काल में सिर्फ एक पेड़ लगाने का संकल्प भी ले ले तो इस प्रयास से ही धरा का श्रृंगार हो जाएगा। लेकिन हो इसके विपरीत रहा है।
पेड़ों की कटान की दर बढ़ रही है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। अगर पृथ्वी पर मनुष्य जाति का अंत हुआ तो इसके लिए मनुष्य ही जिम्मेदार होगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के भूगर्भ विज्ञान विभाग के पूर्व चेयरमैन प्रोफेसर लियाकत अली राव सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहते हैं कि पर्यावरण संरक्षण अभियान के दौरान उनसे लगातार संपर्क बना रहा। उनके निधन से इस पृथ्वी ने अपना एक सच्चा शुभचिंतक खो दिया है।