अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ऑनलाइन कार्यक्रम में संबोधन करते चिकित्सक और विशेषज्ञ
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अजमल खां तिब्बिया कालेज के तहफ्फुजी व समाजी तिब विभाग ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर एक आनलाइन राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया।
सहकुलपति प्रोफेसर जहीरुद्दीन ने विश्व स्वास्थ्य दिवस 2020 और 2021 के विषय का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में सार्वजनिक जागरूकता की बहुत आवश्यकता है।
यूनानी फैकल्टी के डीन प्रोफेसर एफएस शीरानी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद से उपचार से पहले बीमारी को रोकने पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जो एक बेहतर रणनीति है।
उन्होंने व्यायाम के महत्व और स्वस्थ आहार पर प्रकाश डालते हुए कमजोर और गरीब वर्गों के लिए समग्र स्वास्थ्य देखभाल के लिए एक व्यापक नीति तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गवर्नमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेस ग्रेटर नोएडा की डीन प्रोफेसर रंभा पाठक ने कहा कि सबसे गरीब वर्ग महामारी से सबसे अधिक प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि टीकों की आपूर्ति, परीक्षण और उपचार के लिए सीमाऐं खत्म करने और सभी को सुविधाएं प्रदान करने की आवश्यकता थी।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ ग्रीक मेडिसिन बेंगलुरु के
प्रोफेसर अब्दुल हसीब अंसारी ने प्राचीन यूनानी पुस्तकों के हवाले से कहा कि ग्रीक और अरब चिकित्सकों ने जीवन के छह आवश्यक तत्वों में संयम पर जोर दिया।
स्कूल ऑफ नर्सिंग साइंसेज एंड रिसर्च ग्रेटर नोएडा की डीन प्रोफेसर उर्मिला देवी भारद्वाज ने कहा कि भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए डाक्टरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि देश में संक्रामक रोग भी बहुत आम हैं।
कार्यक्रम में विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर रूबी अंजुम, कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर सऊद अली खान, प्रोफेसर सुबुही मुस्तफा, प्रोफेसर मोहम्मद अनवर, सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रोफेसर एसएम सफदर अशरफ, संयुक्त सचिव डा. मोहम्मद असलम, पीजी स्कालर एसएम ऐमन मजहर, सदफ फिरदौस और रजिया अहमद उपस्थित थे।