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भारत के लिए चीन पाकिस्तान से ज्यादा बड़ा खतरा : प्रोफेसर पंत एएमयू में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा और चीन पर ऑनलाइन व्याख्यान  कार्यक्रम आयोजित

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एएमयू में राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचा और चीन पर ऑनलाइन व्याख्यान  कार्यक्रम मैं संबोधन करते कुलपति व अन्य वक्ता - फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़। चीन के उदय से एशिया और प्रशांत महासागर क्षेत्र राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से अस्थिर हो जाएंगे और इस क्षेत्र में भारत के हितों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह बात ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक प्रोफेसर हर्ष वी पंत ने कही। वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सामरिक और सुरक्षा अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में चीन का तत्व विषय पर आनलाइन व्याख्यान प्रस्तुत कर रहे थे। प्रोफेसर पंत ने कहा कि कहा कि चीन के साथ पाकिस्तान का बढ़ता गठजोड़ पश्चिमी दुनिया पर इस्लामाबाद की निर्भरता को कम कर रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बीच भू-राजनीतिक टकराव अंतरराष्ट्रीय प्रणाली को प्रभावित करेगा और आने वाले वर्षों में स्थिति को जटिल करेगा। इस संदर्भ में भारत को अपनी जगह तलाशनी होगी। उन्होंने कहा कि कोविड19 के प्रसार में चीन की भूमिका की जांच हुई है और चीन ने लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी भूमिका पर सवाल न उठाए जाएं। पाकिस्तान की तुलना में चीन को भारत के लिए बड़ा खतरा बताते हुए प्रोफेसर पंत ने कहा कि नए संदर्भ में नए नीतिगत फैसलों को मूल शोध की आवश्यकता है जिसमें एएमयू के सामरिक और सुरक्षा अध्ययन विभाग प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। अध्यक्षता करते हुए एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि चीन में क्या हो रहा है, इस बारे में जानकारी का अभाव था और बातचीत और राजनयिक चैनलों के माध्यम से चीन पर दबाव बनाने की आवश्यकता थी। उन्होंने कहा कि चीन एक स्थायी विश्व व्यवस्था के लिए खतरा है। एक ओर वह अपने पड़ोसियों से उलझा हुआ है और दूसरी ओर शिनजियांग प्रांत में उइगरों का शोषण कर रहा है।  उन्होंने कहा कि भारत को चीन को नियंत्रित रखने के लिए दूसरे देशों के साथ काम करना होगा। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर आफताब आलम ने विभाग की स्थापना के महत्व और उद्देश्य पर प्रकाश डाला। डा. सैयद तहसीन रजा और डा. स्वाति राव कार्यक्रम समन्वयक थे।
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