फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्मार्ट सिटी में कूड़े के प्रबंधन की समस्या पर एएमयू में 5 दिन तक मंथन बुधवार को पहले दिन विद्वानों ने कहा स्मार्ट सिटी का सही विकास कूड़े के सही निस्तारण पर निर्भर है

विज्ञापन
विज्ञापन
अलीगढ़। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने वाले शहरों की सूची में अलीगढ़ का नाम शामिल होने के बाद भी जिस कूड़े के प्रबंधन की समस्या से शहर जूझ रहा है, उस समस्या पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 5 दिन तक मंथन किया जाएगा। इसकी शुरुआत बुधवार से हो गई है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग विभाग में पांच दिवसीय ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। अपशिष्ट प्रबंधनः चुनौतियां और अवसर’ विषय पर हो रहे कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में बेहतर पर्यावरण, जलवायु और मानव स्वास्थ्य के लिए अपशिष्ट प्रबंधन की समझ को बढ़ाना है।  बुधवार को उद्घाटन सत्र में इंजीनियरिंग फैकल्टी के डीन प्रोफेसर परवेज मुस्तजाब ने स्मार्ट शहरों के विकास के लिए कुशल कचरा प्रबंधन प्रणालियों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्मार्ट शहरों का समुचित विकास बड़ी हद तक अपशिष्ट प्रबंधन से सम्बन्धित है क्योंकि कचरे का संग्रह जीवन की स्थितियों और पर्यावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन विकल्पों के लिए प्रभावी नीतियों की आवश्यकता है। इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर एम एम सुफियान बेग ने कॉलेज के विकास पर भी प्रकाश डाला। सिविल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर अब्दुल बाकी ने कहा कि स्थायी समाधानों की तलाश के लिए सफल रणनीतिक योजनाओं का सृजन आवश्यक है। जिसकी सहायता से अपशिष्ट प्रबंधन को सुचारू बनाया जा सके। उन्होंने नए एमटेक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कुलपति को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सुहेल अयूब ने सतत पर्यावरण विकास की पृष्ठभूमि में एफडीपी की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रोफेसर आई एच फारूकी ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। जबकि एम मोइनुल हक ने कार्यक्रम का संचालन किया। इसमें विभिन्न संगठनों और विश्वविद्यालयों के 200 से अधिक प्रतिभागी एफडीपी में भाग ले रहे हैं। आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजुकेशन ट्रेनिंग एंड लर्निंग (अटल) के अन्तर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली, टेरी तथा एएमयू के रिसोर्स पर्सन्स कार्यक्रम के सहभागियों को विषय के सम्बन्ध में जानकारी प्रदान कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें