अलीगढ़। पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की सर्दी के चलते एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में हृदय और श्वास संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि वह लोग जो 45 वर्ष से अधिक उम्र के हैं, उनमें अधिक सर्दी के चलते हार्ट और सांस संबंधी समस्याएं देखने में आ रही है। प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि सर्दियों में प्यास न लगने के कारण लोग पानी की मात्रा को कम कर देते हैं। जिससे खून गाढ़ा हो जाता है। इससे हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है। प्रोफेसर सिद्दीकी कहते हैं कि अत्यधिक सर्दी के सीजन में रक्त वाहिनियां सिकुड़ जाती हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी न पीने से समस्या और गहरी हो जाती है। इससे हृदय तक पहुंचने वाली रक्त की आपूर्ति बाधित होती है। जिससे स्ट्रोक पड़ता है। लेकिन कुछ सामान्य उपाय अपनाकर इन से बचा जा सकता है।
कुछ सामान्य उपाय जो जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताए
-जो व्यक्ति जिस बात की नियमित दवा ले रहा है, जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर आदि, वह दवा समय पर जरूर ले
-दवा सामान्य तापमान के पानी के साथ ले
- कमरे का तापमान पूरी तरह नियंत्रित रखें। उसमें ठंड से बचाव के पूरे साधन रखें।
- जिन लोगों को तेज सर्दी में सांस लेने में समस्या आती है उनके लिए एक वैक्सीन सर्दी के सीजन की शुरुआत में लगाई जाती है। बेहतर होगा कि इस प्रकार के मरीज इस वैक्सीन को लगवा लें। प्रत्येक सर्दी के सीजन से पहले अक्टूबर-नवंबर में यह वैक्सीन लगाने का प्रावधान है
- यह तय कर लें कि प्रतिदिन 2 से ढाई लीटर पानी पीना है। गुनगुना पानी रखें और उसको धीरे-धीरे पिएं। इससे शरीर में पानी की मात्रा कम नहीं होगी।