अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ सहित 3000 लोगों को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वैक्सीन अभियान के पहले चरण में शामिल किया गया है। इसमें फ्रंटलाइन स्टाफ भी शामिल है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा पूरी तैयारियां कर दी गई हैं। जिन लोगों को वैक्सीन लगनी है, उनके नाम पहले ही सरकार को भेज दिए गए थे।
इस संबंध में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह स्टाफ जो सबसे संवेदनशील स्थानों पर ड्यूटी को अंजाम दे रहा था, जिसमें डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल था, उसको प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन उपलब्ध होगी। महामारी की शुरुआत के समय से ही जेएन मेडिकल कॉलेज ने पूरे हालात का बहुत चुनौतीपूर्ण तरीके से सामना किया है। पहले यहां पर आसपास के जिलों से भी सैंपल जांच के लिए आते थे। अब तक मेडिकल कॉलेज में 2 लाख से अधिक सैंपल की जांच हो चुकी है। साथ ही 2 हजार से अधिक मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं।
महामारी के दौरान यहां पर प्लाज्मा थेरेपी की भी शुरुआत की गई जो कि सफल साबित हुई। कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त मरीजों के उपचार के दौरान जेएन मेडिकल कॉलेज के 50 से अधिक डॉक्टर और 100 से अधिक पैरामेडिकल स्टाफ संक्रमण की चपेट में आया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इनको कोरोना योद्धा मानते हुए इनकी सराहना की। पहले चरण में इन सभी को वैक्सीनेशन के लिए चुना गया है।