अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेडएच कालेज आफ इंजीनियरिंग के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के शिक्षकों ने अपने एक आविष्कार ( सीमेंट की मजबूती बढ़ाने वाली विधि) को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय में बौद्धिक संपदा के रूप में पेटेंट कराया है।
विभाग के प्रो. मोहम्मद आरिफ, एप्लाइड फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर अमीर आज़म तथा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली में इंजीनियरिंग कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर ईजी इबादुर रहमान ने अपने अविष्कार को उच्च शक्ति वाले सीमेंटेड नैनो कम्पोजिट कम्पोजिशन को पेटेंट कराया है।
कई दशकों से विशेषज्ञ खराब यांजिक गुणों तथा पानी व अन्य आक्रमणशील रसायनों के लिए सीमेंट की अत्यधिक प्रकृति को दूर करने के लिए प्रौद्योगिकियों के साथ काम कर रहे थे। लेकिन अब एएमयू के इंजीनियरिंग कालेज के सदस्यों एवं पूर्व छात्र द्वारा सीमेंट की मज़बूती को बढ़ाने के लिए नैनो टेक्नालोजी का उपयोग करने का नया तरीका खोज लिया गया है। अविष्कार का उद्देश्य निर्माण प्रौद्योगिकी के साथ नैनो तकनीक को लाना है। जिसका प्रयोग न्यूकिलियर पावर प्लांट, एयरपोर्ट के रनवे और लम्बे पुलों के निर्माण के अलावा भारत सरकार की स्मार्ट शहरों के परियोजनाओं में स्मार्ट निमार्ण में प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।