भले ही पूरे मानसून बादलों ने लोगों को तरसाया हो, लेकिन लगातार दो दिन से हो रही बरसात से शहर के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। रामघाट रोड समेत के कई इलाकों में तीन घंटे तक जाम भी लगा रहा। इस बारिश से स्मार्ट सिटी और नाला-नाली सफाई अभियान की सही तस्वीर सामने आ गई हैं। ऐसे में लोग नगर निगम की अव्यवस्थाओं को कोसते रहे। कई इलाकों में जलभराव के साथ ही सड़क पर कीचड़ और गंदगी उफन आने से राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई जगहों लगे पेड़ टूटकर गिर पड़े तो घंटो बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप पड़ी रही। देर शाम तक बिजली कर्मी आपूर्ति बहाल करने के प्रयासों में जुटे रहे।
मौसम विभाग ने पिछले सप्ताह जोरदार बारिश की संभावना जताई थी। सोमवार को बारिश से जहां पूरा शहर ताल-तलैय्या नजर आया तो मंगलवार सुबह चार बजे से ही आसमान में काले बादल घिर आए और बारिश होने लगी। तीन चरणों में करीब पौने दो घंटे तक हुई इस बारिश से गर्मी से राहत दी, जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ड्रेनेज सिस्टम ठीक न होने के कारण शहर के कई इलाकों में बारिश का पानी मकान और दुकानों में भी जा घुसा। इससे एडीए कॉलोनी, किशनपुर, सौ फुटा रोड, ज्ञानसरोवर, ज्योतिनगर, मान सरोवर, विद्या नगर, केलानगर, दुर्गाबाड़ी, मैरिस रोड, समद रोड, सेंटर प्वाइंट, स्टेशन रोड, दीवानी गेट, तस्वीर महल चौराहा, कंट्रोल रूम, अमीर निशा, दोदपुर, मेडिकल रोड, सर सैय्यद नगर, जमालपुर, रामघाट रोड, पीएसी रोड, अनूपशहर रोड, मामू भांजा, अचलताल, रसलगंज, सराय रहमान, बारहद्वारी, रघुवीरपुरी, गूलर रोड, शाहजमाल, देहलीगेट, आगरा रोड, सासनीगेट, महेंद्र नगर, बैंक कॉलोनी, खिरनीगेट, छर्रा अड्डा पुल, गुरुद्वारा रोड, सुुरेंद्र नगर, रावण टीला, गोविंद नगर, देवी नगला, एटा चुंगी, विकास नगर, चंदनियां, विष्णुपुरी, सुदामापुरी नगला तिकोना आदि समेत कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव हो गया।
हॉफ गए पंपिंग स्टेशन
लाल डिग्गी, मलखान नगर, जज कंपाउंड, एडीएम कंपाउंड, जवाहर भवन, दीवानी, विकास भवन, एडीए परिसर समेत तमाम सरकारी भवनों और सरकारी आवासों में पानी जा घुसा। इससे अफसरों एवं कर्मचारियों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ा। नगर निगम की कई टीमें पानी निकासी के लिए देर शाम तक जुटी रहीं। शहर में बारिश के पानी की निकासी के लिए चालू किए गए पंपिंग स्टेशन बुरी तरह से हांफ गए। कई ठीक से काम भी नहीं कर सके। इससे जलभराव की समस्या से जल्द निजात नहीं मिल सकी।
धान की पकी फसल को नुकसान
देहात क्षेत्र में धान की पकी खड़ी फसलों को दो दिन से हो रही बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। फसल खेतों में बिछ गई है। जबकि खेतों में कटे पड़े धान के भीग जाने से भी किसानों को नुकसान हुआ है। हालांकि बारिश से पछैती फसल को लाभ हुआ है। इतना ही नहीं आने वाली रबी सीजन में गेहूं, सरसों आदि फसलों के लिए बारिश लाभदायक है, इससे खेतों में नमी बनी रहेगी।
ऑटो- ई- रिक्शा चालकों की रही चांदी
बारिश से शहर में जलभराव हो जाने से ऑटो और ई- रिक्शा चालकों ने खूब चांदी काटी। एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने के बदले दो गुना, तीन गुना किराया वसूला। सारसौल चौराहे से मालगोदाम तक दस रुपये के स्थान पर 20 रुपये वसूले गए। दुबे का पड़ाव से क्वार्सी चौराहे तक दस रुपया किराया निर्धारित है, लेकिन रामघाट रोड पर जलभराव के चलते किराया 20 से 30 रुपया तक वसूला गया। इसी तरह दुबे का पड़ाव से एटा चुंगी तक दस की जगह 20 रुपया, मेडिकल रोड पर 20 की जगह 30 रुपया किराया वसूला गया।
जल निकासी के लिए नगर निगम ने बनाए 28 कलस्टर प्रभारी
मौसम विभाग द्वारा कुछ दिनों तक भारी बरसात की चेतावनी को देखते हुए नगर निगम स्तर से लोगों को सचेत किया जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगरायुक्त अमित आसेरी ने 28 क्लस्टर प्रभारी की तैनाती की है। ये सभी कलस्टर प्रभारी तैनाती वाले स्थान पर रहकर शहरवासियों की समस्या के समाधान के साथ जलनिकासी और फील्ड रिपोर्ट देंगे। नगरायुक्त अमित आसेरी ने कहा है कि हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं, कि े जलभराव से निजात मिल सके।
मदद को पहुंचे एआईएमआईएम सदस्य
शाहजमाल, एडीए कॉलोनी एवं शांति निकेतन कॉलोनी में दो दिन की बारिश की वजह से घरों में पानी भर रहा है। यहां के स्थानीय नागरिकों को परेशानी को देखते हुए मंगलवार को एआईएमआईएम के तारिक करीम उर्फ शानू टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्हें आटा, दाल, चावल, तेल, हरी सब्जी, दूध आदि उपलब्ध कराया।
बारिश में बह गई स्मार्ट सिटी की सड़क
लाल डिग्गी से पुलिस कंट्रोल रूम से तस्वीर महल चौराहे तक नगर निगम की स्मार्ट सिटी योजना में बनी सड़क पहली ही बारिश में धुल गई। जलभराव के चलते सड़क कई स्थानों पर उखड़ गई तो उसमें गहरे गड्ढे भी हो गए हैं। इससे सड़क की गुुणवत्ता पर भी सवालिया निशान लग गया है।